More
    Homeराजस्थानअलवरअजमेर में रिंग रोड परियोजना को रफ्तार, जानिए क्या होंगे बड़े फायदे

    अजमेर में रिंग रोड परियोजना को रफ्तार, जानिए क्या होंगे बड़े फायदे

    अजमेर: राजस्थान के हृदय स्थल कहे जाने वाले अजमेर शहर में बढ़ते वाहनों के दबाव और प्रदूषण को कम करने के लिए रिंग रोड परियोजना पर काम तेज हो गया है। सरकार ने बजट में इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का निर्णय लिया है। इस परियोजना के पूर्ण होने से न केवल शहरवासियों को जाम से मुक्ति मिलेगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी एक नई रफ़्तार मिलेगी।

    ट्रैफिक जाम से राहत और सुगम कनेक्टिविटी

    अजमेर में रिंग रोड का निर्माण शहर की यातायात व्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित होगा। वर्तमान में कोटड़ा, महाराणा प्रताप नगर और पुष्कर रोड से जयपुर रोड तक पहुँचने के लिए शहर के मुख्य रास्तों से गुजरना पड़ता है, जिससे समय और ईंधन की बर्बादी होती है। रिंग रोड बनने से नागौर और जयपुर से आने वाले वाहन शहर के अंदर घुसे बिना सीधे ब्यावर रोड की ओर जा सकेंगे। इससे मदार गेट, स्टेशन रोड और आगरा गेट जैसे व्यस्त इलाकों में वाहनों का दबाव काफी कम हो जाएगा।

    टू-लेन से फोरलेन में तब्दील होगा बाईपास

    शहर के बढ़ते विस्तार को देखते हुए अब वर्तमान टू-लेन बाईपास नाकाफी साबित हो रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कायड़ विश्राम स्थली से लेकर माकड़वाली, होकरा और बूढ़ा पुष्कर तक के मार्गों को फोरलेन में बदलना अनिवार्य है। बजट 2026-27 में पुष्कर घाटी की चौड़ाई बढ़ाने की जो घोषणा हुई है, उसे नौसर के पास रिंग रोड से जोड़ा जाएगा। इससे नौसर, रातीडांग और चौरसियावास जैसे क्षेत्रों का सीधा जुड़ाव मुख्य राजमार्गों से हो जाएगा।

    पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

    अजमेर और पुष्कर विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हैं, जहाँ प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुँचते हैं।

    • दरगाह शरीफ: सालाना 20 से 25 लाख जायरीन। 

    • पुष्कर तीर्थ: करीब 45 से 50 लाख श्रद्धालु। 

    • अन्य स्थल: नारेली, नसियां और तारागढ़ जैसे स्थानों पर भी 10 से 15 लाख पर्यटक पहुँचते हैं। 

    बेहतर कनेक्टिविटी होने से पर्यटकों को आवाजाही में आसानी होगी, जिससे स्थानीय व्यापार और पर्यटन गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी।

     प्रदूषण पर लगेगा लगाम

    आंकड़ों के अनुसार, शहर के मुख्य मार्गों पर प्रतिदिन 25 से 40 हजार वाहनों की आवाजाही रहती है। अत्यधिक ट्रैफिक के कारण ध्वनि और वायु प्रदूषण का स्तर 60 प्रतिशत तक बढ़ चुका है। रिंग रोड के माध्यम से भारी वाहनों को शहर के बाहर डाइवर्ट करने से प्रदूषण के स्तर में भारी गिरावट आने की उम्मीद है। फिलहाल जनाना अस्पताल से माकड़वाली के बीच भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है, जिसके पूरा होते ही काम में और तेजी आएगी।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here