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    ट्विशा शर्मा केस पर सबकी नजर: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत पर HC में बहस

    भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पूर्व जज गिरिबाला सिंह की बहू और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब एक बड़ा राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है। इस हाई-प्रोफाइल केस में आज सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करने जा रहा है। इससे पहले, देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने शनिवार को इस मामले में खुद (स्वतः संज्ञान) लेते हुए दखल दिया था। वहीं दूसरी ओर, इस मामले की मुख्य आरोपी और पूर्व जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत को रद्द करने को लेकर आज मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में भी एक अहम सुनवाई होनी है। इस बीच, रविवार को पूरे 12 दिनों के लंबे इंतजार के बाद ट्विशा के परिजनों ने भोपाल में उनका अंतिम संस्कार कर दिया। परिजन लगातार शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग पर अड़े थे, जिसके बाद हाई कोर्ट के आदेश पर दिल्ली एम्स (AIIMS) के डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने भोपाल आकर शव का दोबारा पोस्टमार्टम किया।

    गिरिबाला सिंह की जमानत के खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में आज पूर्व जज गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत के खिलाफ सुनवाई होगी। यह याचिका मृतका ट्विशा शर्मा के परिवार वालों की तरफ से दायर की गई है। परिजनों का साफ कहना है कि इतने गंभीर मामले में किसी भी आरोपी को अग्रिम जमानत नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरिबाला सिंह ने अपने पूर्व जज होने के रसूख और पहचान का गलत फायदा उठाते हुए बहुत आसानी से कोर्ट से अग्रिम जमानत हासिल कर ली है। आपको बता दें कि ट्विशा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। इस समय पति समर्थ तो पुलिस की सात दिनों की रिमांड पर है, लेकिन सास गिरिबाला सिंह को कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई थी, जिसका लगातार विरोध हो रहा है।

    पुलिस और डॉक्टरों की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल

    ट्विशा के परिवार ने इस पूरे मामले में भोपाल पुलिस और शुरुआती पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों की कार्यशैली पर बेहद गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिवार का आरोप है कि चूंकि गिरिबाला सिंह खुद जज रह चुकी हैं और उनका बेटा समर्थ भी एक वकील है, इसलिए इन दोनों ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके पुलिस की शुरुआती जांच को भटकाने की कोशिश की। परिजनों का यह भी कहना है कि जिस दिन मामले में एफआईआर दर्ज हुई, उसी दिन गिरिबाला सिंह ने जमानत की अर्जी लगाई और कोर्ट ने भी महज 24 घंटे के भीतर जल्दबाजी दिखाते हुए उन्हें अग्रिम जमानत दे दी। इसके अलावा, उन पर सबूतों से छेड़छाड़ करने के भी आरोप हैं। खुद पुलिस ने कोर्ट को बताया है कि गिरिबाला सिंह जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं, जिसके बाद हाई कोर्ट ने उन्हें नोटिस जारी किया है।

    पति समर्थ सिंह की पुलिस रिमांड का आज दूसरा दिन

    इस पूरे मामले के मुख्य आरोपी और ट्विशा के पति समर्थ सिंह की पुलिस रिमांड का आज दूसरा दिन है। इससे पहले शनिवार को भोपाल पुलिस ने जबलपुर पुलिस के साथ मिलकर समर्थ को उस समय गिरफ्तार किया था, जब वह जबलपुर हाई कोर्ट में सरेंडर (आत्मसमर्पण) करने की फिराक में था। गिरफ्तारी के बाद शनिवार देर रात दो बजे पुलिस उसे भोपाल के श्यामला हिल्स थाने लेकर आई और कोर्ट में पेश करने के बाद सात दिनों की पुलिस रिमांड पर ले लिया। गौरतलब है कि समर्थ सिंह घटना के बाद पूरे 10 दिनों तक फरार रहा था और पुलिस ने उस पर 30 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। ट्विशा के परिजनों ने समर्थ के इतने दिनों तक फरार रहने पर भी सवाल उठाए हैं कि आखिर पुलिस 10 दिनों तक उसे ढूंढ क्यों नहीं पाई थी।

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