सूरत। गुजरात के सूरत शहर अंतर्गत मोटा वराछा और अमरोली क्षेत्र से कथित हनीट्रैप, रंगदारी और संपत्ति हड़पने की गंभीर साजिश का मामला उजागर हुआ है। एक मकान मालिक द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर उत्राण थाना पुलिस ने किरायेदार महिला, उसके दो साथियों और एक वकील के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
किराया लेने गए मकान मालिक को बनाया निशाना
मोटा वराछा के सुदामा चौक निवासी पीड़ित अधेड़ व्यक्ति की सरथाणा और अमरोली इलाके में किराये की संपत्तियां हैं। पीड़ित के अनुसार, अक्टूबर 2024 में वह अमरोली स्थित अपने मकान में किरायेदार महिला मनीषा बगड़ा से किराया वसूलने पहुंचे थे। आरोप है कि जैसे ही वह फ्लैट में दाखिल हुए, मनीषा ने दरवाजा भीतर से बंद कर लिया और कपड़े उतारकर उन्हें जबरन फंसाने का प्रयास किया।
घर में प्रवेश करते ही मकान मालिक को बंधक बनाने की साजिश रची गई। आरोप है कि महिला के साथी प्रकाश ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित के साथ मारपीट की और उन्हें जबरन निर्वस्त्र कर आपत्तिजनक वीडियो बना लिए। इसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने की धमकी देकर लाखों रुपये की रंगदारी मांगी गई।
बदनामी के डर से दिए 2.60 लाख, फिर 70 लाख व मकान का बनाया दबाव
शिकायतकर्ता का कहना है कि सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल होने के भय से उन्होंने आरोपियों को किस्तों में 2.60 लाख रुपये दे दिए, जबकि शुरुआत में 7 लाख रुपये की मांग की गई थी। इसके बाद जब मकान मालिक ने फ्लैट खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की, तो आरोपियों के हौसले और बढ़ गए।
आरोप है कि महिला और उसके सहयोगियों ने पुलिस में झूठे मामले में फंसाने की धमकी देते हुए पहले 50 लाख और फिर 70 लाख रुपये की जबरन मांग की। इसके अलावा फ्लैट का मालिकाना हक अपने नाम ट्रांसफर करने का भी लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
मानसिक प्रताड़ना और लगातार मिल रही धमकियों से तंग आकर पीड़ित ने उत्राण थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने किरायेदार महिला मनीषा बगड़ा, प्रकाश हरजीभाई, वसंत चावड़ा और उनके वकील के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले के इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स की गहन जांच की जा रही है।


