अमृतसर। महानगर के 88 फुट रोड इलाके में उस समय सनसनी फैल गई, जब कुछ अज्ञात बदमाशों ने एक चलती कार का पीछा करते हुए अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस जानलेवा हमले में कार सवार एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसकी पहचान सिमरनजीत सिंह उर्फ बिल्ला के रूप में हुई है। वारदात को अंजाम देने के बाद शूटर मौके से रफूचक्कर हो गए। घायल युवक को खून से लथपथ हालत में स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद पूरे इलाके के निवासियों में अपनी सुरक्षा को लेकर भारी डर और चिंता का माहौल है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस के आला अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की छानबीन शुरू कर दी।
वारदात का लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
इस खूनी खेल का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जो इंटरनेट पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सिमरनजीत सिंह अपनी गाड़ी से सड़क से गुजर रहा था, तभी अचानक पीछे से दौड़ते हुए आए दो हथियारबंद युवकों ने उसकी कार को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। गोलियों की आवाज से पूरी सड़क पर चीख-पुकार मच गई और राहगीर अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हमलावर अपनी साजिश को अंजाम देकर पलक झपकते ही वहां से भाग निकले।
दहशत का माहौल और प्रत्यक्षदर्शियों का बयान
मौके पर मौजूद चश्मदीदों ने बताया कि अचानक हुई इस गोलीबारी से बाजार में अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से आसपास के दुकानदार भी सहम गए और उन्होंने एहतियातन अपने शटर गिरा दिए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रिहाइशी और व्यापारिक क्षेत्र में इस तरह सरेआम गोलियां चलना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
हमलावरों की धरपकड़ के लिए पुलिस की विशेष टीमें गठित
घटनास्थल का मुआयना करने पहुंची पुलिस टीम ने फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाने के साथ ही आसपास के तमाम सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल सबूतों और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर शूटरों के हुलिए का पता लगाया जा रहा है। आरोपियों को दबोचने के लिए पुलिस की अलग-अलग विशेष टीमें गठित कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। इसके साथ ही पीड़ित के पारिवारिक और व्यापारिक बैकग्राउंड की भी जांच की जा रही है ताकि हमले की असली वजह का पता लगाया जा सके।


