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    टीम इंडिया के सामने फीके पड़े ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज, मंधाना का रिकॉर्ड रहा लाजवाब

    नई दिल्ली: नवी मुंबई में होने वाले महिला वनडे विश्व कप 2025 के दूसरे सेमीफाइनल में आज भारत और ऑस्ट्रेलिया आमने-सामने होंगे। दोनों टीमें एक-दूसरे की ताकत और कमजोरी को भली-भांति जानती हैं। भारत ही वह आखिरी टीम है जिसने ऑस्ट्रेलिया को विश्व कप में हराया था। ऐसा साल 2017 के सेमीफाइनल में हुआ था। उसके बाद से ऑस्ट्रेलिया 15 लगातार वनडे वर्ल्ड कप मैचों में अपराजित है। भारत और ऑस्ट्रेलिया में जो भी टीम आज जीतेगी, उसका सामना दो नवंबर को होने वाले फाइनल में दक्षिण अफ्रीका से होगा। दक्षिण अफ्रीका ने पहले सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हराया।

    मंधाना बनाम शुट-गार्डनर
    स्मृति मंधाना इस विश्व कप में अब तक सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज हैं। उन्होंने अब तक 102.52 के स्ट्राइक रेट से 365 रन बनाए हैं। इस टूर्नामेंट में उनका नया रूप दिखा है। वह अब केवल साझेदारी बनाने वाली खिलाड़ी नहीं, बल्कि 'एन्फोर्सर' यानी आक्रामक बल्लेबाज का किरदार निभा रही हैं।

    2024 तक एश्ले गार्डनर के खिलाफ मंधाना का रिकॉर्ड कमजोर था। तब तक गार्डनर के खिलाफ आठ पारियों में वह पांच बार आउट हुई थीं। इस दौरान उनका औसत 13.60 का और स्ट्राइक रेट 89.47 का रहा था। इतना ही नहीं, मेगन शुट के खिलाफ भी उनके आंकड़े कुछ बेहतर नहीं थे। शुट के खिलाफ मंधाना 12 पारियों में चार बार आउट हुई थीं। इस दौरान उनका औसत 24.50 का और स्ट्राइक रेट 70.50 का रहा था।।

    2025 से बदले समीकरण
    हालांकि, 2025 में मंधाना ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार मैचों में दो शतक और दो अर्धशतक जड़े हैं। गार्डनर के खिलाफ उन्होंने 71 गेंदों में 96 रन (स्ट्राइक रेट 135.21) बनाए हैं और एक बार भी आउट नहीं हुईं हैं। वहीं, शुट के खिलाफ मंधाना ने 28 गेंदों में 41 रन (स्ट्राइक रेट 146.42) बनाए हैं और एक बार भी आउट नहीं हुईं हैं।

    लेग स्पिनर अलाना किंग (के खिलाफ 225 का स्ट्राइक रेट) और जॉर्जिया वेयरहैम (के खिलाफ 176.19 का स्ट्राइक रेट) के अलावा लेफ्ट आर्म स्पिनर सोफी मोलिनॉक्स के खिलाफ भी मंधाना ने तेजी से रन बनाए हैं। मोलिनॉक्स ही एकमात्र गेंदबाज रहीं जिन्होंने मंधाना को इस विश्व कप में आउट किया।

    शेफाली की मौजूदगी से बदला रोल
    प्रतिका रावल के चोटिल होने के बाद शेफाली वर्मा टीम में लौटी हैं। रावल के साथ मंधाना एन्फोर्सर की भूमिका निभाती थीं, जबकि शेफाली के साथ वह 'सेकंड फिडल' यानी संतुलन बनाने वाली बन जाती हैं। अब जबकि शेफाली शुरुआत में संयम से खेलती हैं और बाद में विस्फोटक बनती हैं, मंधाना को पारी संभालने की आजादी मिलेगी।

    ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों पर दबाव
    भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हाल की सीरीज नई चंडीगढ़ और दिल्ली जैसी फ्लैट पिचों पर खेली गई थी। विशाखापत्तनम में हुए मुकाबले में भी भारत ने 330 का बड़ा स्कोर बनाया था।
    डी.वाई. पाटिल स्टेडियम की पिच भी रन बनाने में मददगार मानी जा रही है।

    ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का भारत के खिलाफ इस साल इकोनॉमी रेट खराब रहा है। मेगन शुट ने 6.46, किम गर्थ ने 6.66, एश्ले गार्डनर ने 6.06 और ताहिलिया मैक्ग्रा ने 7.05 की इकोनॉमी रेट से रन दिए हैं। वहीं, अन्य टीमों के खिलाफ इनका इकोनॉमी रेट 3.78 से 5.46 के बीच रहा है। सबसे बड़ा अंतर अलाना किंग के प्रदर्शन में दिखा। अन्य टीमों के खिलाफ उन्होंने 12 विकेट लिए हैं और इकोनॉमी रेट 2.85 का रहा है, जबकि भारत के खिलाफ उन्होंने केवल एक विकेट लिया और इकोनॉमी रेट 7.08 का रहा है।

    सदरलैंड होंगी भारत के लिए खतरा
    ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे भरोसेमंद गेंदबाज रहीं हैं एनेबल सदरलैंड, जो अब तक टूर्नामेंट में 15 विकेट ले चुकी हैं। वह गति और लेंथ में विविधता लाती हैं और यह भारतीय बल्लेबाजों के लिए परेशानी का सबब रही है। विशाखापत्तनम में भी भारतीय बल्लेबाजों ने इसका अनुभव किया था। हरमनप्रीत कौर उनके खिलाफ सात पारियों में तीन बार, जबकि ऋचा घोष पांच बार आउट हो चुकी हैं। टीम इंडिया को सदरलैंड की चतुराई से बेहद सतर्क रहना होगा।

    रेणुका, दीप्ति और लेफ्ट-आर्म स्पिन की उम्मीद
    रेणुका सिंह और क्रांति गौड़ भारत की शुरुआती उम्मीदें हैं। रेणुका ने ऑस्ट्रेलिया की कप्तान एलिसा हीली को पावरप्ले में अक्सर रोका है। उनके खिलाफ हीली का स्ट्राइक रेट 80.76 का रहा और वह एक बार हीली को आउट कर चुकी हैं। वहीं, गौड़ ने पिछली सीरीज में हीली को तीन बार आउट किया था।

    स्पिन विभाग में दीप्ति शर्मा ऑस्ट्रेलिया के मध्यक्रम के लिए चुनौती हैं। उन्होंने मैक्ग्रा को नौ पारियों में पांच बार आउट किया है। गार्डनर (स्ट्राइक रेट 94.54) और बेथ मूनी (90.84) के खिलाफ भी उनका रिकॉर्ड बेहतर है। लेफ्ट-आर्म स्पिनर एन. श्री चरणी ने दोनों टीमों के बीच लीग मैच में तीन विकेट झटके थे।

    दिलचस्प बात यह है कि ऑस्ट्रेलिया ने इस विश्व कप में लेफ्ट-आर्म स्पिन के खिलाफ 10 विकेट गंवाए हैं। ईएसपीएन क्रिकइन्फो के मुताबिक, लगभग हर पांच ओवर में एक विकेट गंवाए हैं। पाकिस्तान की नाशरा सन्धु और सादिया इकबाल ने भी एक वक्त ऑस्ट्रेलिया का स्कोर सात विकेट पर 76 रन कर दिया था। हालांकि, नवी मुंबई की पिच अब तक सबसे कम स्पिन-फ्रेंडली साबित हुई है, इसलिए टीम इंडिया को संतुलन बनाना होगा। स्नेह राणा की बल्लेबाजी नीचे क्रम में काम आ सकती है।

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