More
    Homeदेशआयुष ने की सनातन धर्म में वापसी, धर्मांतरण विवाद ने पकड़ा तूल

    आयुष ने की सनातन धर्म में वापसी, धर्मांतरण विवाद ने पकड़ा तूल

    शामली: उत्तर प्रदेश के शामली जिले से एक बेहद चर्चित और संवेदनशील मामले में बड़ा मोड़ सामने आया है। इलाके के मशहूर मेडिकल व्यवसायी देवराज मलिक के बेटे आयुष की सनातन धर्म में 'घर वापसी' हो गई है। सोशल मीडिया पर आयुष का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपने घर के मंदिर में बैठकर पूजा-अर्चना करते और अपने परिजनों से आशीर्वाद लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो को बघरा स्थित योग साधना केंद्र के महंत स्वामी यशवीर महाराज ने जारी किया है। आयुष के पिता ने भी इस बात की पुष्टि की है कि उनके बेटे ने वापस हिंदू धर्म अपना लिया है, हालांकि आयुष ने खुद अभी तक मीडिया के सामने आकर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है।

    प्रेम जाल और संपत्ति हड़पने के आरोपों से गरमाया था मामला

    यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ था जब इसी महीने की 4 तारीख को स्वामी यशवीर महाराज ने एक सनसनीखेज आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि चांदनी कुरैशी नाम की युवती और उसके परिवार ने आयुष को अपने प्रेम जाल में फंसाकर उसका जबरन धर्मांतरण कराया है। उनका आरोप था कि इस पूरे खेल के पीछे देवराज मलिक की करोड़ों रुपये की संपत्ति को हड़पने की सोची-समझी साजिश थी। इस खुलासे के बाद इलाके में तनाव और राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई थी।

    लड़की के परिवार सहित 11 लोगों पर दर्ज हुआ था मुकदमा

    मामले के तूल पकड़ने के बाद आयुष के पिता देवराज मलिक खुद सामने आए और उन्होंने कानूनी रास्ता अपनाया। उन्होंने 6 जून को चांदनी, उसके पिता इस्लाम कुरैशी और उनके परिवार के 9 अन्य सदस्यों सहित कुल 11 लोगों के खिलाफ शामली थाने में नामजद मुकदमा दर्ज कराया। पिता का आरोप था कि इन लोगों ने मिलकर उनके बेटे का न केवल जबरन धर्म परिवर्तन कराया, बल्कि एक फर्जी निकाहनामा (शादी के दस्तावेज) भी तैयार किया था। इस एफआईआर के बाद से ही पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।

    वीडियो जारी कर आयुष ने कही 'घर वापसी' की बात

    सोमवार देर शाम सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में आयुष मलिक खुद यह स्वीकार करते दिख रहे हैं कि वे कुछ समय के लिए इस्लाम धर्म में चले गए थे, लेकिन अब उन्होंने बिना किसी दबाव के अपने परिवार के मूल हिंदू धर्म में वापसी कर ली है। स्वामी यशवीर महाराज के मुताबिक, आयुष ने अपने घर से इस्लाम से जुड़ी तमाम चीजें हटा दी हैं और पूरी तरह से सनातन वैदिक परंपराओं के अनुसार पूजा-पाठ और जप शुरू कर दिया है। आयुष के पिता ने इस पूरी घटना को ईश्वर की कृपा और पूर्वजों के संस्कारों का आशीर्वाद बताते हुए इस लड़ाई में साथ देने वाले शामली प्रशासन और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here