बदरीनाथ: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इन दिनों हिमालय की गोद में बेहद कठिन आध्यात्मिक साधना में लीन हैं। वे चार धामों में से एक, प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम के समीप 10 हजार फीट से भी अधिक की ऊंचाई पर तपस्या कर रहे हैं। इस दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में एक साधारण सी कुटिया बनाकर रह रहे बाबा बागेश्वर बर्फीली हवाओं और बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच अपनी इस साधना को पूरा करने में जुटे हैं।
11 दिनों का कठिन अनुष्ठान और जवानों से मुलाकात
हिमालय के इस दुर्गम इलाके में बाबा बागेश्वर की यह 11 दिनों की कठिन तपस्या आगामी 21 मई को संपन्न होगी। अपनी इस साधना के दौरान उन्होंने देश की सीमाओं की मुस्तैदी से रक्षा कर रहे भारतीय सेना के जवानों से भी विशेष मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने जवानों का कुशलक्षेम जाना और विभिन्न विषयों पर उनसे आत्मीय चर्चा की। इसके साथ ही, उन्होंने क्षेत्र के अन्य साधु-संतों से भेंट कर सनातन धर्म और अध्यात्म से जुड़े गूढ़ विषयों पर संवाद भी किया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुईं तपस्या की तस्वीरें
बर्फ से ढके ऊंचे पहाड़ों के बीच साधना में लीन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कुछ दुर्लभ तस्वीरें अब सामने आई हैं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। बागेश्वर धाम के आधिकारिक फेसबुक पेज पर इन तस्वीरों को एक विशेष संदेश के साथ साझा किया गया है, जिसकी हर तरफ काफी चर्चा हो रही है।
इस आधिकारिक पोस्ट में जानकारी दी गई है कि श्री बद्री विशाल की पावन धरा पर चल रही इस “बद्रीनाथ एकात्मय साधना” का उद्देश्य भगवान विष्णु की आराधना और हिमालय की उच्च चेतना के माध्यम से आध्यात्मिक जागृति प्राप्त करना है। सांसारिक बंधनों से मुक्ति (मोक्ष) और ध्यान की गहन एकाग्रता के लिए की जा रही इस साधना को लेकर पोस्ट में लिखा गया है कि अखंड हिमालय की शांत और दिव्य वादियों में पूज्य सरकार (धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री) का यह अनुष्ठान जन कल्याण और मानव उत्थान के क्षेत्र में एक नया आयाम स्थापित करेगा।


