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    केदारनाथ हेलीकॉप्टर बुकिंग के नाम पर हो रही धोखाधड़ी, ऐसे करें असली-नकली की पहचान और खुद को बचाएं

    साइबर अपराधियों ठगी के लिए धार्मिक जगहों को नहीं बख्श रहे हैं. लोगों के आस्था से साथ से खिलवाड़ करते हुए अपराधी उन्हें ठग रहें है. ऐसा ही एक मामला प्रसिद्ध मंदिर केदारनाथ धाम जानें वाले श्रद्धालुओं के साथ देखने को मिला है जहां पर साइबर अपराधी हेलीकाप्टर सर्विस के नाम पर उन्हें ठगी का शिकार बना रहें है. चारधाम की यात्रा के चलते इसमें तेजी आई है. इसे देखते हुए उत्तराखंड पुलिस ने अलर्ट जारी किया है लोगों से सतर्क रहने का सलाह दी है. पुलिस ने इस मामले में एक्शन लेते हुए कई ऐसे साइट और सोशल मीडिया पेज को ब्लॉक किया है और अपराधियों को तलाश कर रही है.

    कैसे निशान बना रहे हैं ठग

    केदारनाथ की यात्रा पैदल और खच्चर के साथ- साथ हेलीकॉप्टर से की जाती है. हेलीकॉप्टर के लिए श्रद्धालु (heliyatra.irctc.co.in) अधिकारी वेबसाइट के बुकिंग कर सकते हैं. अपराधी ऑफिशियल वेबसाइट से मिलता-जुलता नाम और उसी तरह का दिखने वाली फर्जी बेवसाइट बनाते है. जब लोग बुकिंग के लिए साइट पर जाते है तो ये फर्जी वेबसाइट दिखती है जहां पर सबकुछ अधिकारिक वेबसाइट की तरह होता है लेकिन जब श्रद्धालु पेमेंट करते है तो उनको टिकट नहीं मिलता है और वे ठगी का शिकार हो जाते हैं.

    पुलिस ले रही है कड़ा एक्शन

    इस समय चारधाम की यात्रा चल रही है और लाखों की संख्या में लोग केदारनाथ जा रहें है. इसका मौके का फायदा साइबर अपराधी उठा रहे है और लोगों के निशाना बना रहें है. इसी के चलते उत्तराखंड पुलिस तेजी से कार्यवाही कर रही है, पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक 2023 में 64 फर्जी वेबसाइटों को ब्लाक कराया है. 2024 में भी 18 फर्जी वेबसाइटों, 45 फेसबुक पेज और 20 बैंक अकाउंट के ब्लाक किया गया था. इस साल भी पुलिस लगातार एक्शन ले रही है और अबतक 51 फर्जी वेबसाइटों,111 मोबाइल नंबरों को ब्लॉक किया गया जो साइबर धोखाधड़ी में यूज हो रहे थे. इसके अलावा 56 बैंक खातों को फ्रीज कराया गया है और 30 व्हाट्‌सएप नंबरों को रिपोर्ट कर ब्लॉक कराया गया.

    ऐसे धोखाधड़ी से कैसे बचे

    फर्जी वेबसाइटों से बचने के लिए अपनाएं ये 7 जरूरी सावधानियां:

    • हमेशा आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
      बुकिंग करने से पहले वेबसाइट का पता (URL) ध्यान से देखें. सरकारी वेबसाइटों के अंत में आमतौर पर .gov.in या .nic.in लिखा होता है.
    • गूगल सर्च से सीधे लिंक पर क्लिक न करें
      कई बार गूगल पर ऊपर दिखने वाले एड्स भी फर्जी हो सकते हैं. वेबसाइट का लिंक टाइप करके ही विजिट करें.
    • सस्ते ऑफर या तात्कालिक लाभ से सावधान रहें
      अगर कोई वेबसाइट हेलीकॉप्टर टिकट बहुत सस्ते में या बिना किसी प्रतीक्षा के दे रही है, तो वह फर्जी हो सकती है.
    • सिक्योर वेबसाइट की पहचान करें
      वेबसाइट के URL की शुरुआत में https होना चाहिए. इसके साथ एक लॉक का निशान भी दिखता है, जो साइट के सुरक्षित होने का संकेत है.
    • ऑनलाइन पेमेंट से पहले दो बार जांचें
      भुगतान करने से पहले वेबसाइट के संपर्क नंबर, ईमेल और अन्य डिटेल्स जांचें. संदेह होने पर पेमेंट न करें.
    • सोशल मीडिया लिंक से सावधान रहें
      फेसबुक, इंस्टाग्राम या व्हाट्सएप पर मिलने वाले टिकट बुकिंग लिंक अक्सर फर्जी होते हैं. ऐसे किसी लिंक पर भरोसा न करें.
    • संदिग्ध वेबसाइट की शिकायत करें
      अगर आपको किसी वेबसाइट पर संदेह हो, तो तुरंत cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या नजदीकी साइबर सेल से संपर्क करें.

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