भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर जिले के कामां थाना इलाके के अंतर्गत आने वाले गांव मुरार में पैतृक जमीन के एक पुराने विवाद ने भीषण खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। दो गुटों के बीच लंबे समय से सुलग रही आपसी रंजिश अचानक इस कदर भड़क उठी कि दोनों ओर से लाठी-डंडे चलने लगे। इसी बीच एक पक्ष के लोगों ने आव देखा न ताव और दूसरे पक्ष पर अवैध हथियारों से ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इस अंधाधुंध गोलाबारी में महिलाओं समेत कुल 9 लोग गोली लगने और छर्रे लगने से गंभीर रूप से जख्मी हो गए, जिनमें से 5 लोगों की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से पूरे ग्रामीण इलाके में खौफ और सन्नाटा पसरा हुआ है, हालांकि सूचना मिलते ही पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया है।
जमीन का पुराना झगड़ा बना खूनी रंजिश का सबब, गांव में मची अफरा-तफरी
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, गांव मुरार के निवासी सर्वसुख और सोहनलाल के परिवारों के बीच एक भूखंड के मालिकाना हक को लेकर अरसे से कानूनी और सामाजिक विवाद चल रहा था। शुक्रवार को इसी जमीन के मसले पर दोनों पक्षों के लोग एक बार फिर आमने-सामने आ गए। शुरुआत में दोनों ओर से तीखी गाली-गलौज और कहासुनी हुई, जो चंद मिनटों में ही हिंसक झड़प में तब्दील हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ते ही एक पक्ष के लोगों ने घर में रखे घातक हथियार निकाल लिए और सामने वाले पक्ष पर सीधे फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई इस गोलीबारी की गूंज से पूरा गांव दहल उठा और ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
गोलीबारी में नौ लोग लहूलुहान, पांच नाजुक हालत में जिला अस्पताल रेफर
इस अचानक हुए जानलेवा हमले में सर्वसुख गुट के 7 सदस्य और सोहनलाल गुट के 2 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए खून से लथपथ सभी घायलों को कामां के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां के डॉक्टरों ने सर्वसुख पक्ष के 5 मरीजों के शरीर में गोलियों के गहरे जख्म और अत्यधिक रक्तस्राव को देखते हुए उन्हें प्राथमिक चिकित्सा देने के बाद बेहतर इलाज के लिए जिला मुख्यालय स्थित आरबीएम अस्पताल रेफर कर दिया। दूसरी तरफ, सोहनलाल पक्ष के दोनों चोटिल व्यक्तियों का उपचार स्थानीय स्तर पर ही पुलिस की निगरानी में किया जा रहा है।
घटनास्थल से मिले गोलियों के खोखे, हमलावरों को पकड़ने के लिए पुलिस की दबिश
सामूहिक हिंसा की इस बड़ी वारदात की भनक लगते ही कामां पुलिस थाने की टीम भारी पुलिस जाब्ते के साथ फौरन गांव मुरार पहुंची। फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस ने वारदात वाली जगह की बारीकी से जांच की, जहां से जमीन पर बिखरे कई खाली कारतूस और खोखे बरामद किए गए हैं। गांव में दोबारा कोई हिंसक टकराव न हो और कानून व्यवस्था बनी रहे, इसके मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। थाना प्रभारी का कहना है कि जमीनी रंजिश के इस मामले में दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर केस दर्ज किया जा रहा है और वारदात को अंजाम देकर फरार हुए मुख्य बंदूकधारियों की तलाश में पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।


