गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले से जेल सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आया है। यहाँ जिला जेल में दुष्कर्म (रेप) के आरोप में बंद एक कैदी जेल की ऊंची दीवार फांदकर फरार हो गया। हालांकि, पुलिस और जेल प्रशासन की मुस्तैदी से करीब 8 घंटे के भीतर ही आरोपी को जेल से 5 किलोमीटर दूर पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन से फिर से दबोच लिया गया। इस लापरवाही को लेकर जेल प्रहरी की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ एक और नया मामला दर्ज किया गया है।
सुबह की दिनचर्या के दौरान मिला मौका
यह पूरा घटनाक्रम जिला जेल पेंड्रारोड का है। जानकारी के मुताबिक, 10 जून को पेंड्रा थाना क्षेत्र के बचरवार गांव निवासी कुलदीप राठौर उर्फ पटेल को दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जेल दाखिल होने के अगले ही दिन, यानी कल सुबह करीब 7 बजे जब नियमानुसार कैदियों को उनकी दिनचर्या के लिए बैरक से बाहर निकाला गया, तभी आरोपी कुलदीप ने सुरक्षाकर्मियों की नजर बचाई और जेल की दीवार लांघकर भागने में सफल रहा।
रेलवे स्टेशन से हुई गिरफ्तारी
कैदी के अचानक गायब होने की सूचना से जेल प्रबंधन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में इसकी जानकारी गौरेला पुलिस को दी गई। पुलिस और जेल के कर्मचारियों ने तत्काल संयुक्त टीम बनाकर क्षेत्र में नाकेबंदी की और संभावित ठिकानों पर तलाशी शुरू की। शाम करीब 4 बजे पुलिस को सफलता मिली और आरोपी को पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन परिसर से घेराबंदी कर पकड़ लिया गया।
पुलिसिया कार्रवाई और सुरक्षा पर सवाल
कैदी के दोबारा पकड़े जाने के बाद जेल प्रशासन ने राहत की सांस ली है। इस मामले में गौरेला पुलिस ने जेल प्रहरी अखिलेश पांडेय की लिखित शिकायत पर फरार कैदी (क्रमांक 11726) के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 262 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। आरोपी कुलदीप राठौर को दोबारा जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
हालांकि, इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रहरियों की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और जानकारों का कहना है कि महज एक दिन पहले आए कैदी का इस तरह दीवार फांदकर भाग जाना जेल प्रबंधन की बड़ी विफलता को दर्शाता है।


