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    भाजयुमो के जिला महामंत्री की गोली मारकर हत्या, बंद कमरे में मिली लाश से मचा हड़कंप

    सहरसा। बिहार के सहरसा में बेखौफ बदमाशों ने बड़ी दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देते हुए भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिला महामंत्री की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात सदर थाना क्षेत्र के गौतम नगर (वार्ड संख्या 15) की है, जहां शुक्रवार की दोपहर एक बंद घर से युवा नेता का खून से लथपथ शव बरामद किया गया।

    मृतक की शिनाख्त 26 वर्षीय अभिजीत सिंह राजपूत उर्फ राजा के तौर पर हुई है, जो भाजयुमो के जिला महामंत्री पद पर कार्यरत थे। अभिजीत मूल रूप से सुपौल जिले के गढ़बरुआरी (वार्ड नंबर 5) के निवासी थे और सहरसा स्थित अपने आवास में रह रहे थे। अनुमान व्यक्त किया जा रहा है कि यह वारदात बुधवार की रात ही अंजाम दी गई होगी। घटना का पता चलते ही पुलिस महकमे और राजनीतिक गलियारों में सनसनी फैल गई।

    दो दिनों से बंद था फोन, खिड़की से देखने पर हुआ खुलासा

    भाजयुमो जिलाध्यक्ष सुरजीत सिंह कुशवाहा के अनुसार, अभिजीत पिछले दो दिनों से किसी का फोन रिसीव नहीं कर रहे थे। शुक्रवार को जब उनका एक मित्र उनके घर पहुंचा और आवाज दी, तो अंदर से कोई जवाब नहीं आया। शंका होने पर जब खिड़की से भीतर झांका गया, तो अभिजीत बेडरूम में अचेत पड़े दिखे और उनके चेहरे को तकिये से ढका गया था। तत्काल सदर थाना पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मुख्य द्वार तोड़ा, तो अंदर अभिजीत की खून से सनी लाश पड़ी थी और कमरे से दुर्गंध आ रही थी।

    सिर के पीछे मारी गोली, किसी परिचित पर गहराया संदेह

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अपराधियों ने अभिजीत के सिर के पिछले हिस्से में गोली दागी, जो दाहिनी आंख की तरफ से बाहर निकल गई। घटना के तौर-तरीके को देखकर आशंका जताई जा रही है कि इसमें किसी बेहद करीबी का हाथ हो सकता है। माना जा रहा है कि बदमाश पहले घर के भीतर आए, बातचीत की और मौका मिलते ही हत्या कर दी। इसके बाद वे पिछले दरवाजे से बाहर निकले और चहारदीवारी के पास कुर्सी लगाकर दीवार फांदकर फरार हो गए।

    अभिजीत का पारिवारिक पृष्ठभूमि

    अभिजीत के पिता हर्षवर्धन सिंह (पेशे से इंजीनियर) की वर्ष 2018 में कैंसर से मृत्यु हो गई थी, जबकि उनकी माता का निधन 2017 में एक बीमारी के कारण हुआ था। दो भाइयों में बड़े अभिजीत का छोटा भाई दिल्ली में रहकर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी कर रहा है। बताया जा रहा है कि अभिजीत के खिलाफ पूर्व में कुछ आपराधिक मामले भी दर्ज थे। उनके चाचा अवधेश कुमार सिंह ने पुलिस प्रशासन से मामले की पारदर्शी जांच कर दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है।

    मामले की जांच में जुटी पुलिस

    घटना की जानकारी देते हुए सहरसा के एसडीपीओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया अभिजीत की सिर में गोली लगने से मौत हुई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह किसी पार्टी में शामिल होने गए थे। फॉरेंसिक (FSL) टीम ने मौके पर पहुंचकर वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं और शव को अंतपरीक्षण (पोस्टमार्टम) के लिए भेज दिया गया है। पुलिस हर संभावित पहलू पर गंभीरता से तफ्तीश कर रही है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।

    बिहार के सहरसा में बेखौफ बदमाशों ने बड़ी दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देते हुए भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिला महामंत्री की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात सदर थाना क्षेत्र के गौतम नगर (वार्ड संख्या 15) की है, जहां शुक्रवार की दोपहर एक बंद घर से युवा नेता का खून से लथपथ शव बरामद किया गया।

    मृतक की शिनाख्त 26 वर्षीय अभिजीत सिंह राजपूत उर्फ राजा के तौर पर हुई है, जो भाजयुमो के जिला महामंत्री पद पर कार्यरत थे। अभिजीत मूल रूप से सुपौल जिले के गढ़बरुआरी (वार्ड नंबर 5) के निवासी थे और सहरसा स्थित अपने आवास में रह रहे थे। अनुमान व्यक्त किया जा रहा है कि यह वारदात बुधवार की रात ही अंजाम दी गई होगी। घटना का पता चलते ही पुलिस महकमे और राजनीतिक गलियारों में सनसनी फैल गई।

    दो दिनों से बंद था फोन, खिड़की से देखने पर हुआ खुलासा

    भाजयुमो जिलाध्यक्ष सुरजीत सिंह कुशवाहा के अनुसार, अभिजीत पिछले दो दिनों से किसी का फोन रिसीव नहीं कर रहे थे। शुक्रवार को जब उनका एक मित्र उनके घर पहुंचा और आवाज दी, तो अंदर से कोई जवाब नहीं आया। शंका होने पर जब खिड़की से भीतर झांका गया, तो अभिजीत बेडरूम में अचेत पड़े दिखे और उनके चेहरे को तकिये से ढका गया था। तत्काल सदर थाना पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मुख्य द्वार तोड़ा, तो अंदर अभिजीत की खून से सनी लाश पड़ी थी और कमरे से दुर्गंध आ रही थी।

    सिर के पीछे मारी गोली, किसी परिचित पर गहराया संदेह

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अपराधियों ने अभिजीत के सिर के पिछले हिस्से में गोली दागी, जो दाहिनी आंख की तरफ से बाहर निकल गई। घटना के तौर-तरीके को देखकर आशंका जताई जा रही है कि इसमें किसी बेहद करीबी का हाथ हो सकता है। माना जा रहा है कि बदमाश पहले घर के भीतर आए, बातचीत की और मौका मिलते ही हत्या कर दी। इसके बाद वे पिछले दरवाजे से बाहर निकले और चहारदीवारी के पास कुर्सी लगाकर दीवार फांदकर फरार हो गए।

    अभिजीत का पारिवारिक पृष्ठभूमि

    अभिजीत के पिता हर्षवर्धन सिंह (पेशे से इंजीनियर) की वर्ष 2018 में कैंसर से मृत्यु हो गई थी, जबकि उनकी माता का निधन 2017 में एक बीमारी के कारण हुआ था। दो भाइयों में बड़े अभिजीत का छोटा भाई दिल्ली में रहकर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी कर रहा है। बताया जा रहा है कि अभिजीत के खिलाफ पूर्व में कुछ आपराधिक मामले भी दर्ज थे। उनके चाचा अवधेश कुमार सिंह ने पुलिस प्रशासन से मामले की पारदर्शी जांच कर दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है।

    मामले की जांच में जुटी पुलिस

    घटना की जानकारी देते हुए सहरसा के एसडीपीओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया अभिजीत की सिर में गोली लगने से मौत हुई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह किसी पार्टी में शामिल होने गए थे। फॉरेंसिक (FSL) टीम ने मौके पर पहुंचकर वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं और शव को अंतपरीक्षण (पोस्टमार्टम) के लिए भेज दिया गया है। पुलिस हर संभावित पहलू पर गंभीरता से तफ्तीश कर रही है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।

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