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    बॉम्बे हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, मीटिंग में घूरना अपराध नहीं

    बॉम्बे। हाई कोर्ट ने वॉयरिज्म से जुड़े एक मामले पर बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि महिला सहकर्मी के शरीर को घूरना गलत है, लेकिन इसे वॉयरिज्म का अपराध नहीं माना जा सकता है. यह फैसला कोर्ट ने 8 अप्रैल (बुधवार) को सुनाया था. यह मामला अभिजीत बसवंत निगुडकर बनाम महाराष्ट्र राज्य से जुड़ा है, जिसमें आवेदक ने 2015 में  दर्ज FIR को चुनौती दी थी. यह FIR  मुंबई के बोरिवली पुलिस स्टेशन में उसके महिला सहकर्मी की शिकायत पर दर्ज की गई थी. इस मामले की सुनवाई जस्टिस अमित बोरकर की एकल पीठ ने की और FIR को रद्द कर दिया।

    कोर्ट ने 354-C (वॉयरिज्म) को समझाते हुए कहा, धारा 354-C तभी लागू होती है जब कोई महिला  ‘प्राइवेट एक्ट’ में हो यदि कोई आदमी उसकी निजता में दखल दे, या उसकी फोटो/वीडियो ले या फिर उस फोटो/वीडियो को दूसरों को भेजता है, तो यह अपराध है और इसके लिए सजा हो सकती है.” यहां ‘प्राइवेट एक्ट’ का मतलब है ऐसी स्थिति जहां महिला को प्राइवेसी की उम्मीद होती है, जैसे वो टॉयलेट का इस्तेमाल कर रही हो।

    बॉम्बे हाई कोर्ट ने क्या कहा?

    कोर्ट ने कहा, "आरोप केवल  इतना है कि वह ऑफिस मीटिंग्स के दौरान महिला के चेस्ट की तरफ घूरता था. यह गलत आचरण है लेकिन सिर्फ घूरना वॉयरिज्म (धारा 354-C) जैसा अपराध नहीं है." कोर्ट ने आगे कहा कि कार्यस्थल पर दुर्व्यवहार या अपमान अलग तरह के विवाद हो सकते हैं, लेकिन ऑफिस की हर शिकायत को वॉयरिज्म (धारा 354-C) जैसा अपराध नहीं माना जा सकता है. कोर्ट ने माना कि  ऑफिस का माहौल असहज हो सकता है, लेकिन केवल ऐसी शिकायतों के आधार पर धारा 354-C के तहत आपराधिक केस नहीं चलाया जा सकता है।

    क्या है मामला?

    दरअसल, साल 2014 में  महिला सहकर्मी ने आरोप लगाया था कि ऑफिस में एक मीटिंग के दौरान  आरोपी आंखों में देखकर बात करने की बजाय उसके चेस्ट को घूरता था और अनुचित टिप्पणियां करता था. इस मामले में कंपनी की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) ने भी जांच की थी और जांच के बाद पहले ही आरोपी को इस आरोप से दोषमुक्त कर दिया था.  इसके बाद महिला ने साल 2015 में धारा 354-C (Voyeurism) के तहत आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज करवाई थी. साल 2015 में ही आरोपी ने इस केस को चुनौती दी थी और FIR रद्द करने की मांग की थी. अब 8 अप्रैल को सुनवाई के बाद कोर्ट ने इस FIR को रद्द कर दिया है।

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