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    जबलपुर में बमबारी से मचा बवाल, शराब ठेकेदार के दफ्तर पर हमला बना चर्चा का विषय

    जबलपुर: संस्कारी धानी जबलपुर में बेखौफ अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब वे शहर के सुरक्षित और रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाने से नहीं कतरा रहे हैं। बीती देर रात शहर के एक बेहद पॉश इलाके में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब कुछ अज्ञात बदमाशों ने दहशत फैलाने के इरादे से बमबाजी की वारदात को अंजाम दिया। मामला गोरखपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली रतन कॉलोनी का है, जहां संचालित हो रहे प्रसिद्ध शराब ठेकेदार आशीष शिवहरे के मुख्य कार्यालय (ऑफिस) को अपराधियों ने अपनी सनक का निशाना बनाया। आधी रात को हुए इस धमाके की आवाज से पूरी कॉलोनी दहल उठी। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया गया है।

    आधी रात को आए तीन हमलावर, मलबे से मिले देसी बम के अवशेष

    घटनाक्रम के अनुसार, रात के करीब 2:00 से 2:30 बजे के बीच जब चारों तरफ सन्नाटा था, तभी एक एक्सेस स्कूटर पर सवार होकर तीन संदिग्ध युवक रतन कॉलोनी में दाखिल हुए। आरोपियों ने सीधे शराब ठेकेदार के दफ्तर के सामने अपनी गाड़ी रोकी और बिना वक्त गंवाए दफ्तर की दीवार को निशाना बनाते हुए एक के बाद एक देसी बम फेंक दिए।

    धमाका इतना जोरदार था कि उसकी गूंज दूर तक सुनाई दी और आसपास के लोग सहम गए। वारदात को अंजाम देकर आरोपी तेजी से मौके से फरार हो गए। गोरखपुर थाना पुलिस ने घटनास्थल का बहुत बारीकी से मुआयना किया है और फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाने के लिए जमीन पर बिखरे बम के बारूद और अवशेषों को अपने कब्जे में ले लिया है।

    बदमाशों के भागने के रूट को ट्रैक कर रही पुलिस, गश्त बढ़ाई गई

    वारदात के बाद मुस्तैद हुई पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए चौतरफा घेराबंदी शुरू कर दी है। पुलिस टीम घटना के समय के आधार पर बदमाशों के आने और भागने के संभावित रास्तों (रूट) पर लगे तमाम शासकीय और निजी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज को बहुत गहराई से खंगाल रही है।

    शराब ठेकेदार के संस्थान में कार्यरत कर्मचारी अशोक मिश्रा ने पुलिसिया पूछताछ में बयान दिया है कि बमबारी करने वाले तीनों युवकों की कद-काठी और हरकतें संदिग्ध थीं, और उनका मुख्य उद्देश्य दफ्तर के भीतर काम करने वाले लोगों में खौफ पैदा करना था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दफ्तर के बाहर लगे कैमरों के अलावा मुख्य चौराहे और तिराहे के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, जिसके आधार पर आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। एहतियात के तौर पर रतन कॉलोनी में पुलिस का पहरा बढ़ा दिया गया है।

    रंगदारी (अवैध वसूली) के लिए रची गई थी पूरी साजिश

    पुलिस की शुरुआती जांच और चश्मदीदों के बयानों से यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि इस पूरी वारदात की पटकथा रंगदारी टैक्स वसूलने के लिए लिखी गई थी। बदमाशों का मकसद किसी को शारीरिक नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि दफ्तर पर बम फेंककर कारोबारी पर एक मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना था, ताकि उनसे आसानी से मोटी रकम वसूली जा सके।

    गोरखपुर पुलिस ने इस मामले में सख्त रुख अख्तियार करते हुए स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले और शहर की शांति भंग करने वाले किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस का दावा है कि कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं और बहुत जल्द ही तीनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

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