More
    Homeराज्यमहाराष्ट्रमुंबई में सांस लेना हुआ मुश्किल, निर्माण परियोजनाओं से फैल रही धूल...

    मुंबई में सांस लेना हुआ मुश्किल, निर्माण परियोजनाओं से फैल रही धूल पर सख्ती

    मुंबई। मायानगरी मुंबई में एक बार फिर वायु प्रदूषण की समस्या गंभीर रूप लेती जा रही है, जहाँ शहर के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 160 के पार पहुँच गया है। इस बढ़ते प्रदूषण के मुख्य कारणों में मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) की विभिन्न परियोजनाओं से उड़ने वाली धूल, मिट्टी और निर्माण मलबे को जिम्मेदार ठहराया गया है। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट की समिति ने कड़ी नाराजगी जताई है और जिम्मेदार अधिकारियों व संबंधित पक्षों के खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

    MMRDA की परियोजनाओं पर समिति का सख्त रुख

    शहर में चल रहे बड़े पैमाने पर निर्माण और विकास कार्यों से उड़ने वाली धूल हवा में जहर घोल रही है। उच्च न्यायालय की समिति के संज्ञान में यह बात आई है कि बार-बार चेतावनी के बावजूद MMRDA की परियोजनाओं के कारण बिगड़ती हवा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। इसे देखते हुए समिति ने लापरवाह अधिकारियों और संबंधित पक्षों पर तुरंत जुर्माना लगाने और सख्त दंडात्मक कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

    सुबह की धुंध और अस्पतालों में बढ़ते मरीज

    बढ़ती ठंड और प्रदूषण के मेल से सुबह के समय शहर में धुंध की चादर छाई रहती है, जिससे वाहनों के धुएँ और निर्माण स्थलों की धूल मिलकर स्थिति को और बदतर बना रहे हैं। इसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर दिखने लगा है। जे.जे. अस्पताल की ओपीडी में सर्दी, खांसी, जुकाम और अस्थमा से पीड़ित मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।

    अस्पताल के मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मधुकर गायकवाड ने नागरिकों को सलाह दी है कि घर से बाहर निकलते समय मास्क का जरूर इस्तेमाल करें। एलर्जी या अस्थमा के पुराने मरीजों को विशेष सावधानी बरतने और सांस लेने में दिक्कत होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेने की जरूरत है।

    बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर मंडराता खतरा

    खराब हवा के इस दौर में छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस के रोगों से जूझ रहे लोगों के लिए खतरा सबसे ज्यादा बढ़ गया है। एक तरफ जहाँ हाई कोर्ट की समिति प्रशासन और निर्माण एजेंसियों पर शिकंजा कस रही है, वहीं दूसरी तरफ आम मुंबईकरों को दूषित हवा से दो-चार होना पड़ रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर नियंत्रण पाने के लिए कितने प्रभावी और त्वरित कदम उठाता है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here