मान्यता है कि जिस घर में भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा आराधना होती है. वहां से संकट और विघ्न दूर रहते हैं. यही वजह है कि भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और संकटहर्ता के नाम से जाना जाता है. हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, हवन या धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा से ही की जाती है. अब सोमवार को देशभर में गणेश चतुर्थी का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा.
इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने घरों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करेंगे और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करेंगे. लेकिन इस बार बप्पा की मूर्ति स्थापना को लेकर कुछ ऐसी खास बातें हैं, जिन्हें जानना बेहद जरूरी है. खासकर मूर्ति स्थापना के शुभ मुहूर्त और गणेश जी की प्रतिमा खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. इसे लेकर देवघर के ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुदगल ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है.
क्या कहते है देवघर के ज्योतिषाचार्य?
भगवान गणेश की प्रतिमा हमेशा शुभ मुहूर्त में ही स्थापित करनी चाहिए. इस वर्ष 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा. खास बात यह है कि इस बार भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापना के लिए सुबह का अलग से मुहूर्त नहीं है, लेकिन दिन में एक नहीं बल्कि तीन शुभ मुहूर्त मिल रहे हैं.
पहला शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 09 मिनट से दोपहर 1 बजकर 44 मिनट तक रहेगा.इसके अलावा दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से 12 बजकर 57 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा. वहीं तीसरा शुभ मुहूर्त गोधूलि बेला का है, जो शाम 4 बजकर 55 मिनट से शाम 6 बजकर 44 मिनट तक रहेगा. ज्योतिषाचार्य के अनुसार इस समय अमृत काल का भी संयोग रहेगा. इसलिए इसे भी प्रतिमा स्थापना के लिए बेहद शुभ माना जा सकता है.
मूर्ति खरीदते वक्त रखे खास बात का ध्यान
गणेश चतुर्थी के दिन इस बार कई शुभ संयोग भी बन रहे हैं. सोमवार के दिन गणेश चतुर्थी पड़ रही है और इसी दिन चित्रा तथा स्वाति नक्षत्र का संयोग भी रहने वाला है. ऐसे में श्रद्धालुओं के लिए यह दिन धार्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. हालांकि गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करने से पहले मूर्ति खरीदते समय भी विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुदगल के अनुसार गृहस्थ जीवन जीने वाले लोगों को भगवान गणेश की बाईं सूंड वाली प्रतिमा खरीदनी चाहिए.इसे गृहस्थों के लिए मंगलकारी माना जाता है. वहीं दाईं सूंड वाले भगवान गणेश की प्रतिमा की पूजा विशेष रूप से तंत्र साधना और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों में की जाती है.
इस दिन भूलकर भी ना करे चंद्रदर्शन
इसके अलावा गणेश चतुर्थी के दिन एक और महत्वपूर्ण बात का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन चंद्रमा का दर्शन करना निषेध बताया गया है. इसलिए श्रद्धालुओं को गणेश चतुर्थी के दिन भूलकर भी चंद्रमा का दर्शन नहीं करना चाहिए. ऐसे में अगर आप भी इस गणेश चतुर्थी पर अपने घर में बप्पा को विराजमान करने की तैयारी कर रहे हैं, तो मूर्ति खरीदने से लेकर स्थापना के शुभ मुहूर्त और चंद्र दर्शन से जुड़ी इन बातों का विशेष ध्यान रखें.


