मुंबई। मध्य रेल (Central Railway) ने चालू वित्त वर्ष के शुरुआती महीनों में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए माल ढुलाई (फ्रेट लोडिंग) और राजस्व के मामले में शानदार बढ़त दर्ज की है। अप्रैल से अगस्त 2026 की अवधि के दौरान मध्य रेल ने 13,058 रेक में कुल 34.48 मिलियन टन (MT) माल की ढुलाई की, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले काफी बेहतर है।
माल ढुलाई और राजस्व में शानदार वृद्धि
पिछले वर्ष की समान अवधि (अप्रैल से अगस्त) में 12,369 रेक के जरिए 32.10 मिलियन टन माल ढुलाई की गई थी। इस प्रकार, इस साल माल ढुलाई के टन भार में 7 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है, और रेक की संख्या में भी 689 की बढ़ोतरी हुई है।
राजस्व के मोर्चे पर भी मध्य रेल को बड़ा फायदा हुआ है। अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान माल ढुलाई से कुल 3,461.92 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 3,346.80 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित हुआ था।
नागपुर और मुंबई मंडलों का रहा सर्वाधिक योगदान
इस अवधि के दौरान दर्ज की गई कुल 34.48 मिलियन टन माल ढुलाई में विभिन्न मंडलों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा:
नागपुर मंडल: इस मंडल का योगदान सर्वाधिक 20.31 मिलियन टन (58.90 प्रतिशत) रहा।
मुंबई मंडल: इस सूची में दूसरे स्थान पर रहते हुए मुंबई मंडल ने 8.56 मिलियन टन (24.83 प्रतिशत) माल ढुलाई की।
राजस्व अर्जन के मामले में भी नागपुर और मुंबई मंडल सबसे आगे रहे। नागपुर मंडल ने अकेले 2,072.73 करोड़ रुपये (59.87 प्रतिशत) का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित किया, जबकि मुंबई मंडल ने 800.49 करोड़ रुपये (23.12 प्रतिशत) का महत्वपूर्ण योगदान दिया। मध्य रेल के इस मजबूत प्रदर्शन से रेलवे की आय में लगातार इजाफा हो रहा है।


