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    रविवार को जपें सूर्य देव के 108 नाम, बढ़ेगा धन-धान्य, नौकरी में होगी तरक्की, पिता से संबंध होंगे मजबूत

    ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को ग्रहों का राजा कहा गया है. सूर्य के शुभ प्रभाव से व्यक्ति को अच्छा पद, यश, जॉब, धन, धान्य आदि की प्राप्ति होती है. पिता का सहयोग भी मिलता है. लेकिन जब सूर्य खराब होता है तो उसके नकारात्मक प्रभाव व्यक्ति के जीवन में दिखाई देने लगते हैं. नौकरी नहीं मिलती है, या नौकरी में काफी मेहनत के बाद भी तरक्की नहीं होती है. पिता से संबंध खराब होते हैं. पिता का कोई सहयोग प्राप्त नहीं होता है. यदि आपकी कुंडली में सूर्य दोष है, या सूर्य कमजोर है तो आपको एक उपाय करना चाहिए. हर रविवार के दिन सूर्य देव की पूजा करें, उनको जल से अर्घ्य दें. उसके बाद सूर्य देव के 108 नाम का जाप करें. आइए जानते हैं सूर्य देव के 108 नामों के बारे में.

    सूर्य देव के 108 नाम
    ओम सूर्याय नमः
    ओम श्रीमते नमः
    ओम नारायणाय नमः
    ओम नित्यानन्दाय नमः
    ओम दीप्तमूर्तये नमः
    ओम सौख्यप्रदाय नमः
    ओम श्रेयसे नमः
    ओम निखिलागमवेद्याय नमः
    ओम शरण्याय नमः
    ओम अरुणाय नमः
    ओम भास्कराय नमः
    ओम अहस्कराय नमः
    ओम परस्मै ज्योतिषे नमः
    ओम सौख्यदायिने नमः
    ओम सम्पत्कराय नमः
    ओम तेजोरूपाय नमः
    ओम ग्रहाणांपतये नमः
    ओम अमरेशाय नमः
    ओम परेशाय नमः
    ओम कवये नमः
    ओम हिरण्यगर्भाय नमः
    ओम सकलजगतांपतये नमः
    ओम अं सुप्रसन्नाय नमः
    ओम ऐं इष्टार्थदाय नमः
    ओम करुणारससिन्धवे नमः
    ओम आदिमध्यान्तरहिताय नमः
    ओम तरुणाय नमः
    ओम अच्युताय नमः
    ओम आत्मरूपिणे नमः
    ओम अचिन्त्याय नमः
    ओम जगदानन्दहेतवे नमः
    ओम जयिने नमः
    ओम दशदिक्संप्रकाशाय नमः
    ओम अन्तर्बहिः प्रकाशाय नमः
    ओम अब्जवल्लभाय नमः
    ओम आर्तरक्षकाय नमः
    ओम असमानबलाय नमः
    ओम कमनीयकराय नमः
    ओम असुरारये नमः
    ओम उच्चस्थान समारूढरथस्थाय नमः
    ओम ओजस्कराय नमः
    ओम भक्तवश्याय नमः
    ओम जन्ममृत्युजराव्याधिवर्जिताय नमः
    ओम शौरये नमः
    ओम हरिदश्वाय नमः
    ओम लूनिताखिलदैत्याय नमः
    ओम खद्योताय नमः
    ओम शर्वाय नमः
    ओम ऐश्वर्यदाय नमः
    ओम ब्रह्मणे नमः
    ओम बृहते नमः
    ओम घृणिभृते नमः
    ओम सत्यानन्दस्वरूपिणे नमः
    ओम कनत्कनकभूषाय नमः
    ओम घनाय नमः
    ओम गुणात्मने नमः
    ओम सृष्टिस्थित्यन्तकारिणे नमः
    ओम भगवते नमः
    ओम एकाकिने नमः
    ओम आर्तशरण्याय नमः
    ओम अपवर्गप्रदाय नमः
    ओम कान्तिदाय नमः
    ओम शान्ताय नमः
    ओम लुप्तदन्ताय नमः
    ओम हृषीकेशाय नमः
    ओम उद्यत्किरणजालाय नमः
    ओम पुष्कराक्षाय नमः
    ओम ऋक्षाधिनाथमित्राय नमः
    ओम उज्ज्वलतेजसे नमः
    ओम ऋकारमातृकावर्णरूपाय नमः
    ओम नित्यस्तुत्याय नमः
    ओम ऋजुस्वभावचित्ताय नमः
    ओम ऋक्षचक्रचराय नमः
    ओम रुग्घन्त्रे नमः
    ओम ऋषिवन्द्याय नमः
    ओम वसवे नमः
    ओम वसुप्रदाय नमः
    ओम सुवर्चसे नमः
    ओम सुशीलाय नमः
    ओम सुप्रसन्नाय नमः
    ओम ऊरुद्वयाभावरूपयुक्तसारथये नमः
    ओम जयाय नमः
    ओम निर्जराय नमः
    ओम वीराय नमः
    ओम ऊर्जस्वलाय नमः
    ओम विवस्वते नमः
    ओम ऊर्ध्वगाय नमः
    ओम उग्ररूपाय नमः
    ओम उज्ज्वल नमः
    ओम वासुदेवाय नमः
    ओम ईशाय नमः
    ओम वन्दनीयाय नमः
    ओम इन्दिरामन्दिराप्ताय नमः
    ओम अच्युताय नमः
    ओम अखिलागमवेदिने नमः
    ओम आदिभूताय नमः
    ओम आदित्याय नमः
    ओम भानवे नमः
    ओम इन्द्राय नमः
    ओम इज्याय नमः
    ओम विश्वरूपाय नमः
    ओम इनाय नमः
    ओम अनन्ताय नमः
    ओम अखिलज्ञाय नमः
    ओम वरेण्याय नमः
    ओम परमात्मने नमः
    ओम हरये नमः
    ओम रवये नमः

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