रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज का व्हाट्सएप अकाउंट साइबर अपराधियों द्वारा हैक किए जाने का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। शातिर हैकर्स उनके नाम और पहचान का दुरुपयोग कर उनके परिचितों को फर्जी संदेश भेज रहे हैं और उनसे बड़ी रकम ऐंठने की कोशिश में जुटे हैं। ठगों ने इस झांसे में लेकर अब तक लगभग 4 से 5 लोगों से पैसे भी ऐंठ लिए हैं। इस डिजिटल धोखाधड़ी की जानकारी मिलते ही डॉ. सलीम राज ने तुरंत पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है।
यूपीआई बंद होने का बहाना बनाकर मांगे 56 हजार रुपये
प्राप्त विवरण के मुताबिक, साइबर ठगों ने डॉ. सलीम राज के व्हाट्सएप प्रोफाइल का इस्तेमाल कर उनके पांच बेहद करीबी परिचितों को संदेश भेजे। हैकर्स ने मैसेज में लिखा, "हेलो, एक छोटी सी मदद चाहिए। मेरा यूपीआई (UPI) अभी काम नहीं कर रहा है और मुझे बेहद अर्जेंट 56 हजार रुपये की ऑनलाइन जरूरत है, कृपया पैसे ट्रांसफर कर दें।" ठगों के इस झांसे में आकर कुछ करीबियों ने सचमुच उन्हें पैसे भेज दिए, जिससे उन्हें हजारों रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने जनता और परिचितों से की अलर्ट रहने की अपील
व्हाट्सएप अकाउंट हैक होने और पैसों की उगाही की बात सामने आते ही छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने तुरंत मोर्चा संभाला और लोगों को सचेत किया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपील करते हुए कहा कि उनके व्हाट्सएप का कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने साफ किया कि उन्होंने किसी भी व्यक्ति से कोई आर्थिक मदद नहीं मांगी है, इसलिए यदि उनके नाम या नंबर से किसी के पास पैसों की मांग करने वाला कोई भी संदेश आता है, तो उस पर बिल्कुल भी भरोसा न करें और न ही किसी तरह का कोई ऑनलाइन भुगतान करें।
थाने में मामला दर्ज और साइबर सेल की मदद से जांच शुरू
इस धोखाधड़ी के संबंध में डॉ. सलीम राज द्वारा स्थानीय थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज करा दी गई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं के तहत जांच शुरू कर दी है। पुलिस की साइबर सेल टीम हैकर्स के आईपी एड्रेस, मैसेजिंग पैटर्न और जिन बैंक खातों या यूपीआई आईडी में पैसे ट्रांसफर करवाए गए हैं, उनकी बारीकी से कड़ियां जोड़ रही है ताकि इन ऑनलाइन ठगों को जल्द से जल्द बेनकाब कर सलाखों के पीछे भेजा जा सके।


