जयपुर । मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (एमएए योजना) के तहत अब गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को अंग प्रत्यारोपण सहित कई महंगे इलाज नि:शुल्क मिल रहे हैं। इससे जरूरतमंद परिवारों को लाखों रुपये के इलाज का खर्च नहीं उठाना पड़ रहा है।मा योजना के तहत अब तक 2,607 मरीजों को राजस्थान और देश के अन्य राज्यों में अंग प्रत्यारोपण एवं अन्य विशेष उपचार का लाभ मिला है। इन उपचारों पर अब तक ?120.29 करोड़ से अधिक खर्च किए गए हैं।मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत प्रदेश के पात्र मरीजों को रीनल (किडनी) ट्रांसप्लांट के लिए अधिकतम ?7 लाख, कॉक्लियर इम्प्लांट के लिए ?6 लाख, बोन मैरो ट्रांसप्लांट एवं लिवर ट्रांसप्लांट के लिए ?14 लाख तथा हृदय एवं हृदय-फेफड़ा प्रत्यारोपण के लिए ?16.70 लाख तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर का कहना है कि-मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का उद्देश्य है कि प्रदेश का कोई भी व्यक्ति केवल पैसों की कमी के कारण जीवनरक्षक इलाज से वंचित न रहे। इसी सोच के साथ मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के माध्यम से महंगे इलाज भी आम लोगों के लिए नि:शुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं।योजना के तहत राजस्थान में 2,500 मरीजों को करीब ?115.78 करोड़ की लागत से उपचार मिला। इनमें 1,205 किडनी ट्रांसप्लांट जयपुर, जोधपुर और सीकर में, 660 कॉक्लियर इम्प्लांट जयपुर, बीकानेर और चूरू में, 508 बोन मैरो ट्रांसप्लांट जयपुर, सीकर और कोटा में, 105 लिवर ट्रांसप्लांट जोधपुर, बीकानेर और पाली में तथा 9 हृदय एवं हृदय-फेफड़ा प्रत्यारोपण जयपुर, अलवर और कोटा के मरीजों में सर्वाधिक किए गए। इसके अलावा 13 मरीजों को प्रत्यारोपण से जुड़े अन्य विशेष उपचार पैकेजों का लाभ भी दिया गया। योजना में राज्य से बाहर भी इलाज की सुविधा उपलब्ध है। अब तक 107 मरीजों ने राजस्थान के बाहर स्थित अस्पतालों में इलाज कराया है। इन मरीजों के इलाज पर ?4.51 करोड़ का पुनर्भरण किया गया। सबसे अधिक मरीजों ने गुजरात (93) में इलाज कराया, जबकि दिल्ली (6), आंध्र प्रदेश (2), तमिलनाडु (2), हरियाणा (1), कर्नाटक (1), मध्य प्रदेश (1) और तेलंगाना (1) में भी मरीजों ने योजना का लाभ लिया।राजस्थान के सूचीबद्ध अस्पतालों में अंग प्रत्यारोपण और संबंधित उपचार पूरी तरह कैशलेस हैं। मरीज को इलाज के लिए अपनी जेब से कोई राशि खर्च नहीं करनी पड़ती। वहीं राज्य से बाहर इलाज कराने के लिए जिला चिकित्सा महाविद्यालय की ट्रांसप्लांट इवैल्यूएशन कमेटी से अनुमति लेकर उपचार कराया जा सकता है। उपचार के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी (आरएसएचएए) द्वारा पात्र राशि का पुनर्भरण किया जाता है।प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री राठौड़ का कहना है कि -मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हजारों परिवारों के लिए राहत का बड़ा माध्यम बनी है। यह योजना मरीजों को बेहतर इलाज देने के साथ-साथ उनके परिवारों को भारी आर्थिक बोझ से भी बचा रही है


