More
    Homeदेशलखनऊ अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री सख्त, शाम 5 बजे LDA उपाध्यक्ष को...

    लखनऊ अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री सख्त, शाम 5 बजे LDA उपाध्यक्ष को पेश होने के निर्देश

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में स्थित एक कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में सोमवार दोपहर को एक बेहद दर्दनाक और भीषण अग्निकांड हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आग सबसे पहले इस तीन मंजिला इमारत में चल रही एक पेट शॉप (पालतू जानवरों की दुकान) में लगी थी, जिसने देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे के वक्त इमारत में कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और गेमिंग जोन भी चल रहे थे, जहाँ मौजूद बच्चों और लोगों में अफरा-तफरी मच गई। इस भीषण हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि जब आग लगी, तो जान बचाने के लिए बच्चे खिड़कियों से नीचे कूदने लगे थे।

    मुख्यमंत्री और रक्षा मंत्री ने लिया जायजा

    हादसे की गंभीरता को देखते हुए रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए और सीधे घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस लापरवाही के दोषियों की जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद घटनास्थल का दौरा करने के बाद किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) जाकर घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों को घायलों के बेहतर से बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं और पुलिस महानिदेशक व अपर मुख्य सचिव (गृह) को खुद मौके पर रहकर पूरी रिपोर्ट तैयार करने को कहा है।

    एसआईटी की जांच और ताबड़तोड़ कार्रवाई

    मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। एसआईटी की टीम ने मंगलवार को घटनास्थल का दौरा कर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई पूरी कर ली है और वे सात दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेंगे। इस मामले में अब तक व्यावसायिक इमारत के मालिक समेत तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि नगर निगम, ऊर्जा विभाग और फायर ब्रिगेड के चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है।

    अवैध निर्माण पर प्रशासन का कड़ा रुख

    जांच में यह भी सामने आया है कि आवासीय क्षेत्र में बनी यह तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत पूरी तरह से अवैध थी। साल 2016 में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने इसे गिराने का आदेश भी दिया था, लेकिन रसूख के चलते महज दो महीने के भीतर उस आदेश को निरस्त कर दिया गया। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस लापरवाही पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार को शाम पांच बजे तलब कर पूरी रिपोर्ट मांगी है। साथ ही, 1 जनवरी से अब तक शहर में जारी किए गए सभी सील नोटिसों और उन पर हुई बुलडोजर कार्रवाई की पूरी डिटेल मांगी है।

    उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों में भी अलर्ट

    लखनऊ के इस बड़े हादसे के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है। शासन के निर्देश पर मंगलवार को अलीगढ़ के शिक्षा विभाग ने शहर में चल रहे कोचिंग सेंटरों के खिलाफ एक बड़ा विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इस जांच के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन न करने और जरूरी कागजात पेश न कर पाने की वजह से नौ कोचिंग सेंटरों को मौके पर ही सील कर दिया गया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here