More
    Homeराज्यमध्यप्रदेशपुलिस को देखकर भागते थे पारधी, अब उनके बच्‍चे बैठ रहे एसपी...

    पुलिस को देखकर भागते थे पारधी, अब उनके बच्‍चे बैठ रहे एसपी के साथ

    कागज पर उकेर रहे सपने, फर्राटेदार बोल रहे इंग्लिश

    नर्मदापुरम। पुलिसकर्मी  केवल कठोर नहीं होते, न ही उनका काम अपराधियों की धरपकड़ तक सीमित होता है। पुलिसकर्मियों के पास भी एक कोमल हृदय और समाज के वंचित, अंतिम छोर पर बैठे लोगो के लिए संवेदनाएं भी होती हैं। वे भी समाज के लिए कुछ रचनात्मक कार्य करने की इच्छा शक्ति रखते हैं। यदि इन बातों पर यकीन न हो तो एक दिन जिला रक्षित केंद्र में चल रहे समर कैंप में गुजारिये। जहां अभी तक पुलिस की आलोचना करने वाले स्वर भी उसकी अनूठी पहल के लिए प्रशंसा में कसीदे पढ़ रहे हैं।

    दरअसल जिले के एसपी साईं कृष्ण थोटा की संवेदनापूर्ण पहल के चलते अभी तक अपराधी समुदाय समझे जाने वाले पारधी समाज के बच्चों के लिए कैंप संचालित किया जा रहा है। यह कार्य सामुदायिक पुलिसिंग के तहत किया जा रहा है। इसे नाम दिया गया है उड़ान, कई गरीब बच्चों के सपनों को नई उड़ान मिल रही है। 

    पारधी समाज के बच्चों में बढ़ रहा आत्मविश्वास, बदल रही सोच

    ‘उड़ान’ पहल समाज के वंचित एवं हाशिए पर रह रहे समुदायों के बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास बनकर उभर रही है। इस पहल का उद्देश्य पारधी समुदाय के बच्चों में शिक्षा, खेल, व्यक्तित्व विकास एवं सामाजिक सहभागिता के अवसर उपलब्ध कराना तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।

    वर्तमान में थाना सिवनी मालवा क्षेत्र के ग्राम कोटलाखेड़ी एवं सिवनी मालवा में निवासरत पारधी समुदाय के 25 बच्चे रक्षित केंद्र नर्मदापुरम् में आयोजित ग्रीष्मकालीन समर कैंप में नियमित रूप से भाग ले रहे हैं। इस शिविर में पुलिस परिवारों एवं आमजन के बच्चों सहित लगभग 110 बच्चों को विभिन्न खेल, सांस्कृतिक एवं व्यक्तित्व विकास गतिविधियों का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

    नर्मदापुरम् पुलिस की ‘उड़ान’ पहल से बदल रही पारधी समाज के बच्चों की जिंदगी

    ‘उड़ान’ के अंतर्गत बच्चों को प्रतिदिन उनके निवास स्थलों से पुलिस वाहन द्वारा रक्षित केंद्र लाया जाता है। बच्चों को सुबह लगभग 6 बजे वाहन प्राप्त करने के लिए बहुत जल्दी उठना पड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए नर्मदापुरम् पुलिस द्वारा उनके लिए पौष्टिक नाश्ते एवं भोजन की व्यवस्था भी की गई है। कार्यक्रम के समापन के बाद बच्चों को सुरक्षित रूप से उनके घरों तक वापस पहुँचाया जाता है। इस प्रकार पुलिस द्वारा बच्चों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए परिवहन, सुरक्षा एवं पोषण जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ की जा रही हैं।

    शिविर में बच्चों को अंग्रेजी संवाद कौशल, चित्रकला, नृत्य, व्यक्तित्व विकास, कराटे, फुटबॉल, कबड्डी, बैडमिंटन तथा अन्य खेल एवं रचनात्मक गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन गतिविधियों का उद्देश्य केवल कौशल विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता तथा सकारात्मक जीवन मूल्यों का विकास करना भी है।

    पुलिस की संवेदनशील पहल से वंचित बच्चों को मिल रही नई पहचान

    इस पहल की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि पारधी समुदाय के बच्चे अन्य बच्चों के साथ मिलकर सीख रहे हैं, खेल रहे हैं और संवाद स्थापित कर रहे हैं। इससे उनके सामाजिक दायरे का विस्तार हो रहा है तथा समाज के विभिन्न वर्गों के साथ उनका जुड़ाव बढ़ रहा है। यह प्रक्रिया सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देने के साथ-साथ बच्चों में हीनभावना को कम कर आत्मविश्वास विकसित करने में भी सहायक सिद्ध हो रही है।

    कार्यक्रम के प्रारंभिक परिणाम अत्यंत उत्साहवर्धक रहे हैं। बच्चों में सीखने की रुचि, नियमितता, आत्मविश्वास तथा सामाजिक व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। वहीं अभिभावकों में भी शिक्षा, खेल और बच्चों के भविष्य को लेकर जागरूकता बढ़ी है। समुदाय के लोगों और पुलिस के बीच संवाद एवं विश्वास भी मजबूत हुआ है, जो समुदाय आधारित पुलिसिंग का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

    नर्मदापुरम् पुलिस का लक्ष्य इस पहल को केवल एक समर कैंप तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि इसे समुदाय के दीर्घकालिक विकास और सशक्तिकरण के अभियान के रूप में आगे बढ़ाना है। आगामी चरणों में बच्चों की प्रतिभा प्रदर्शन गतिविधियों, अभिभावक सहभागिता कार्यक्रमों तथा नियमित फॉलो-अप के माध्यम से समुदाय के साथ सतत जुड़ाव बनाए रखा जाएगा।

    पुलिस वाहन से कैंप पहुंच रहे बच्चे, मिल रहा नाश्ता और प्रशिक्षण

    इसके अतिरिक्त, ‘उड़ान’ पहल के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का भी प्रयास किया जाएगा कि शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारधी समुदाय के प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुँचे। शिक्षा, छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य, पोषण, कौशल विकास, सामाजिक सुरक्षा एवं स्वरोजगार से संबंधित योजनाओं की जानकारी समुदाय तक पहुँचाने तथा पात्र हितग्राहियों को इनसे जोड़ने के लिए पुलिस द्वारा संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर निरंतर प्रयास किए जाएंगे।

    नर्मदापुरम् पुलिस का विश्वास है कि ‘उड़ान’ केवल बच्चों के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन, विश्वास निर्माण और समुदाय सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो आने वाले समय में बच्चों और उनके परिवारों के जीवन में सकारात्मक एवं स्थायी बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here