अजमेर। अजमेर नगर निगम चुनाव 2026 को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने-अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। भाजपा ने सभी 80 वार्डों में अपने उम्मीदवार उतारकर चुनावी समर में पूरी ताकत झोंक दी है, वहीं कांग्रेस ने महज 78 वार्डों पर ही प्रत्याशी घोषित किए हैं। कांग्रेस द्वारा वार्ड संख्या 3 और 4 को खाली छोड़े जाने को लेकर अजमेर के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं गरम हो गई हैं।
वार्ड 4 में त्रिकोणीय समीकरण और हेमा गहलोत की उम्मीदवारी
वार्ड संख्या 4 इस समय जिले का सबसे चर्चित चुनावी केंद्र बन गया है। यहाँ भाजपा ने हाल ही में पार्टी में शामिल हुईं मोनिका जैन पर भरोसा जताया है, जो पिछला चुनाव कांग्रेस के टिकट पर लड़ चुकी हैं। इसी वार्ड से भाजपा के दो बार मेयर रह चुके धर्मेंद्र गहलोत की पत्नी हेमा गहलोत निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरी हैं। कांग्रेस द्वारा यहाँ कोई उम्मीदवार नहीं उतारे जाने से यह अटकलें तेज़ हो गई हैं कि पार्टी अंदरूनी रणनीति के तहत निर्दलीय हेमा गहलोत को समर्थन दे सकती है। वार्ड संख्या 3 में भी कांग्रेस का प्रत्याशी न होना चुनावी विश्लेषकों के बीच बड़ा सवाल बना हुआ है।
भाजपा: नए चेहरों और दिग्गजों के परिजनों पर दांव
भाजपा ने सभी 80 वार्डों में प्रत्याशी खड़े करने के साथ-साथ कई वरिष्ठ नेताओं के रिश्तेदारों और नए चेहरों को मौका दिया है:
रंजना सोनी: भाजपा शहर जिलाध्यक्ष रमेश सोनी की पत्नी, जिन्हें सबसे कम मतदाताओं वाले वार्ड संख्या 12 से मैदान में उतारा गया है।
मधु शेखावत: पूर्व सभापति सुरेंद्र सिंह शेखावत की पत्नी, जो वार्ड 59 से चुनाव लड़ेंगी।
मंजू देवी: हाथीखेड़ा के पूर्व सरपंच लाल सिंह रावत की पत्नी, जिन्हें विधानसभा चुनाव में वासुदेव देवनानी के प्रति वफादारी के एवज में वार्ड 5 से टिकट मिला है।
भारती श्रीवास्तव: भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष, जिनका वार्ड बदलकर इस बार 78 किया गया है।
हालांकि, अजमेर विकास प्राधिकरण (ADA) के पूर्व चेयरमैन शिवशंकर हेड़ा की पुत्रवधू अंबिका हेड़ा सहित कई पूर्व पार्षदों के टिकट पार्टी ने काट दिए हैं।
कांग्रेस: पुराने दिग्गजों के पत्ते कटे, रिश्तेदारों को तवज्जो
कांग्रेस की 78 प्रत्याशियों की सूची में भारी फेरबदल देखने को मिला है। पूर्व बोर्ड के 18 पार्षदों में से कई दिग्गजों का पत्ता साफ कर दिया गया है। टिकट कटने वालों में प्रतिपक्ष नेता द्रौपदी कोली, हितेश्वरी टांक, गजेंद्र सिंह रलावता, बनवारीलाल शर्मा और महिला मोर्चा अध्यक्ष लक्ष्मी बुदेल शामिल हैं। इनके स्थान पर द्रौपदी कोली के रिश्तेदार मोक्ष नेनिया, ऋषि बंसल और पुष्पा राजोरिया जैसे नए चेहरों को प्राथमिकता दी गई है।
दोनों दलों में बगावत के सुर, बागियों ने बढ़ाई चिंता
टिकटों के औपचारिक ऐलान के साथ ही भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के भीतर भारी असंतोष और बगावत फूट पड़ी है। टिकट से वंचित रहे कई पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने बागी होकर निर्दलीय के तौर पर पर्चा दाखिल कर दिया है। इसके चलते अजमेर नगर निगम के कई वार्डों में मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार हैं, जिसने दोनों दलों के आधिकारिक उम्मीदवारों की गणित बिगाड़ दी है।


