More
    Homeराजस्थानजयपुरराजस्थान हाईकोर्ट में बड़ा बदलाव, संजय के. अग्रवाल को चीफ जस्टिस बनाने...

    राजस्थान हाईकोर्ट में बड़ा बदलाव, संजय के. अग्रवाल को चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश

    जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट में जारी प्रशासनिक और न्यायिक विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने एक बड़ा कदम उठाया है। कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस संजय के. अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश (चीफ जस्टिस) नियुक्त करने की सिफारिश की है। इसके साथ ही उन्हें तत्काल प्रभाव से छत्तीसगढ़ से राजस्थान स्थानांतरित (ट्रांसफर) करने का प्रस्ताव भी भेजा गया है। हाईकोर्ट में लंबे समय से बने प्रशासनिक गतिरोध के बीच इस सिफारिश को एक बेहद अहम घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।

    स्थानांतरण और चीफ जस्टिस के रूप में नियुक्ति का रोडमैप

    कॉलेजियम की सिफारिश के अनुसार, यदि मुख्य न्यायाधीश के रूप में औपचारिक नियुक्ति की प्रक्रिया में थोड़ा समय लगता है, तब भी जस्टिस अग्रवाल के राजस्थान आने का मार्ग प्रशस्त रहेगा। ऐसी स्थिति में वह राजस्थान हाईकोर्ट में वरिष्ठतम न्यायाधीश के रूप में पदभार संभालेंगे और बाद में प्रक्रिया पूर्ण होते ही मुख्य न्यायाधीश का पद संभालेंगे।

    विरोध के बीच कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश छुट्टी पर गए

    यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब वकीलों के विरोध का सामना कर रहे राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश (ACJ) जस्टिस शर्मा 1 से 5 सितंबर तक छुट्टी पर चले गए हैं। जयपुर पीठ के अपडेटेड रोस्टर के अनुसार, इस दौरान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की कोई कोर्ट सिटिंग आयोजित नहीं की जाएगी।

    जस्टिस संजय के. अग्रवाल का न्यायिक परिचय

    • अतिरिक्त न्यायाधीश: सितंबर 2013 में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त हुए।

    • स्थायी न्यायाधीश: मार्च 2016 में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के स्थायी न्यायाधीश बने।

    • पूर्व अनुभव: जज बनने से पूर्व वह छत्तीसगढ़ के महाधिवक्ता (Advocate General) के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं।

    राजस्थान हाईकोर्ट के लिए क्यों मायने रखती है यह सिफारिश?

    राजस्थान हाईकोर्ट में बीते कुछ समय से न्यायिक प्रशासन और बार-बेंच के बीच तनाव व असंतोष का माहौल बना हुआ था। ऐसे संवेदनशील दौर में एक अनुभवी न्यायाधीश के नाम की सिफारिश से हाईकोर्ट के प्रशासनिक नेतृत्व को स्थिरता मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, सिफारिश पर केंद्र सरकार की सहमति और राष्ट्रपति के अंतिम आदेश के बाद ही औपचारिक नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी होगी।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here