रांची:अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के केंद्रीय नेतृत्व ने झारखंड संगठन में एक बड़ा बदलाव करते हुए राज उरांव को प्रदेश आदिवासी कांग्रेस का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अंतिम स्वीकृति और अनुमोदन के बाद पार्टी के केंद्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस संबंध में आधिकारिक नियुक्ति पत्र जारी कर दिया है। राज उरांव लंबे समय से जमीनी स्तर पर आदिवासी समाज के अधिकारों और कांग्रेस की विचारधारा के लिए संघर्षरत रहे हैं, जिसे देखते हुए संगठन ने उन्हें यह महत्वपूर्ण और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।
आदिवासी क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने की रणनीतिक कोशिश
इस महत्वपूर्ण नियुक्ति को राज्य के राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस द्वारा आदिवासी समाज के बीच अपनी पकड़ को और अधिक सुदृढ़ करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। विपक्षी दलों द्वारा आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में पैठ बनाने की कोशिशों के बीच कांग्रेस ने अपने इस पारंपरिक और सबसे मजबूत वोट बैंक को सहेजने के लिए यह बड़ा रणनीतिक दांव खेला है। राज उरांव के सांगठनिक अनुभव और युवाओं व वंचित तबके के बीच उनकी सक्रियता का सीधा लाभ पार्टी को आगामी राजनीतिक चुनौतियों और चुनावी समीकरणों में मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
वरिष्ठ नेताओं और विधायकों ने दी बधाई, पार्टी में उत्साह का माहौल
राज उरांव के मनोनयन की घोषणा होते ही झारखंड कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। इस फैसले का स्वागत करते हुए कांग्रेस विधायक दल के उपनेता राजेश कच्छप, कैबिनेट मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, विधायक शिल्पी नेहा तिर्की और भूषण बाड़ा सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएं दी हैं। इसके साथ ही राकेश सिन्हा, रवीन्द्र सिंह, लाल किशोर नाथ शाहदेव, डॉ. एम. तौसीफ, महानगर अध्यक्ष डॉ. कुमार राजा, राजन वर्मा और सुनीत शर्मा जैसे प्रमुख पदाधिकारियों ने भी इस नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त की है।
बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने और अधिकारों की रक्षा का संकल्प
नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष राज उरांव ने केंद्रीय नेतृत्व का आभार जताते हुए स्पष्ट किया कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता जल-जंगल-जमीन की रक्षा करना और आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों को सुरक्षित रखना है। उन्होंने राज्य सरकार की जनहितैषी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की बात कही और संकल्प लिया कि वे जल्द ही पूरे राज्य का सघन दौरा करेंगे। इस दौरे के माध्यम से प्रत्येक जिले में आदिवासी कांग्रेस के संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय और गतिशील बनाया जाएगा ताकि आने वाले समय में पार्टी एक मजबूत विकल्प के रूप में उभर सके।


