मुंबई। मुंबई के पश्चिमी उपनगर बोरीवली के एक होटल में मसाला डोसा में चूहा मिलने के चर्चित मामले में एक नया और सनसनीखेज मोड़ आ गया है। होटल मालिक से रंगदारी के रूप में भारी रकम वसूलने और फर्जी शिकायत दर्ज कराने की धमकी देने के आरोप में कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने दो महिलाओं (बहनों) के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। आरोपियों की पहचान मानसी और किंजल के रूप में हुई है, और पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
क्या है पूरा मामला और कैसे हुआ खुलासा?
एफआईआर के मुताबिक, यह घटना 24 सितंबर की है, जब दोनों बहनें अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ बोरीवली के एक होटल में खाना खाने गई थीं। इसी दौरान उनके एक रिश्तेदार को परोसे गए मसाला डोसा में कथित तौर पर एक चूहा दिखाई दे गया, जिसके बाद होटल में भारी हंगामा मच गया और पुलिस को भी बुला लिया गया। इस घटना का वीडियो दो दिन बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए 28 सितंबर को खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए होटल का लाइसेंस निलंबित कर दिया था।
25 लाख की मांग और 1 लाख का भुगतान
पुलिस जांच में सामने आया है कि एफडीए की कार्रवाई के बाद आरोपियों ने होटल मालिक से संपर्क किया। उन्होंने दावा किया कि जिस रिश्तेदार ने चूहे वाला दूषित खाना खाया था, उसकी तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई है और उसके इलाज के लिए पैसों की सख्त जरूरत है। इसके एवज में उन्होंने शुरुआत में होटल मालिक से 25 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की और रकम न देने पर कानूनी रूप से फंसाने की धमकी दी।
होटल मालिक द्वारा असमर्थता जताए जाने पर बातचीत का यह आंकड़ा घटकर 7 लाख रुपये पर आ गया। दबाव में आकर होटल मालिक ने आरोपियों को 1 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद दोनों बहनें शेष रकम के लिए लगातार फोन कॉल और मैसेज के जरिए उसे प्रताड़ित करती रहीं। तंग आकर होटल मालिक ने आखिरकार पुलिस से संपर्क किया और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने 5 अक्टूबर को दोनों बहनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस पूरे मामले में कॉल्स, चैट्स, पैसों के लेन-देन के रिकॉर्ड और इस बात की तकनीकी जांच कर रही है कि क्या इस पूरी साजिश के पीछे कोई सुनियोजित ब्लैकमेलिंग का रैकेट तो नहीं था।


