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    स्वीकृत नगरसेवक के मुद्दे पर बढ़ा विवाद, सपा के 6 नगरसेवक पार्टी से बाहर

    भिवंडी। मुंबई से सटे भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका में स्वीकृत नगरसेवकों के चयन को लेकर समाजवादी पार्टी के भीतर बड़ा राजनीतिक विवाद सामने आया है। पार्टी के स्पष्ट निर्देशों को दरकिनार करते हुए भाजपा विधायक महेश चौघुले के समर्थक माने जाने वाले भरत जंगलानी के नाम का समर्थन करने के आरोप में समाजवादी पार्टी ने अपने छह पार्षदों को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इस बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई से भिवंडी के राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।

    सपा में नेताओं के बीच मतभेद और निष्कासन की कार्रवाई

    सपा के प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आजमी के निर्देश पर शहर अध्यक्ष रियाज आजमी ने छह नगरसेवकों के निष्कासन की घोषणा की। पार्टी द्वारा जिन पार्षदों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है, उनमें गुटनेता आरिब याकूब शेख, काशफी शाफ मोमिन, आजीब जमाल मोमिन, अंसारी शबाना शमीम, शेख सलमाबानो मोहम्मद अक्रम और खान अमल उबैद शामिल हैं। पार्टी नेतृत्व का कड़ा आरोप है कि इन पार्षदों ने संगठनात्मक आदेशों की अनदेखी की और स्वीकृत नगरसेवक पद के लिए भरत जंगलानी के नाम की संस्तुति की।

    भिवंडी महानगरपालिका में इन पदों की नियुक्ति को लेकर सपा के भीतर पहले से ही खींचतान चल रही थी। शहर अध्यक्ष रियाज आजमी ने भरत जंगलानी के स्थान पर सरफराज शेख को स्वीकृत नगरसेवक बनाने की पुरजोर मांग की थी और इस संबंध में महानगरपालिका आयुक्त अनमोल सागर को लिखित आवेदन भी दिया था। इसके बावजूद विशेष महासभा में पार्टी की तरफ से भरत जंगलानी के नाम की घोषणा होने के बाद यह आंतरिक कलह खुलकर सतह पर आ गई।

    महानगरपालिका में स्वीकृत सदस्यों की घोषणा और अन्य दलों की स्थिति

    भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका की विशेष महासभा के दौरान महापौर नारायण चौधरी ने विभिन्न दलों के नौ स्वीकृत सदस्यों के नामों की आधिकारिक घोषणा की। इन नामों में कांग्रेस से इमरान मोहम्मद एच. अंसारी, अरफात ए. शेख और सलीम अहमद शेख, भाजपा से सुगंधा टावरे और रवि सावंत, शिवसेना से संजय काबुकर, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) से गिरीश म्हात्रे, समाजवादी पार्टी से भरत जंगलानी तथा कोणार्क विकास आघाड़ी से मयूर विलास पाटील शामिल हैं।

    इस चयन प्रक्रिया को लेकर केवल समाजवादी पार्टी ही नहीं, बल्कि कांग्रेस पार्टी के भीतर भी असंतोष और नाराजगी देखने को मिली है। कांग्रेस के गुटनेता और उपमहापौर तारिक मोमिन द्वारा सुझाए गए तीन नामों पर पार्टी के शहर अध्यक्ष आबिद खान ने कड़ी आपत्ति जताई और उन्हें वापस लेने की मांग की।

    कुल 90 निर्वाचित सीटों वाली इस महानगरपालिका में कांग्रेस के पास 30, भाजपा के 22, राकांपा (शरदचंद्र पवार) के 12, शिवसेना (शिंदे गुट) के 12, समाजवादी पार्टी के 6, कोणार्क विकास आघाड़ी के 4, भिवंडी विकास आघाड़ी के 3 और एक निर्दलीय सदस्य है। समाजवादी पार्टी द्वारा अपने छह पार्षदों के निष्कासन के बाद स्थानीय निकाय की राजनीति में समीकरणों और आंतरिक अनुशासन को लेकर नए कयास लगाए जाने लगे हैं।

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