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    मोदी कैबिनेट विस्तार में अरुण गोविल को मिल सकती है जगह? सियासी गलियारों में चर्चाएं

    नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार जल्द ही बड़े पैमाने पर अपने केंद्रीय मंत्रिपरिषद में फेरबदल करने जा रही है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की पुरजोर अटकलें हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को ही अपनी कैबिनेट में महत्वपूर्ण बदलाव कर सकते हैं। मोदी 3.0 कार्यकाल की शुरुआत के बाद होने वाला यह पहला प्रशासनिक और राजनीतिक पुनर्गठन होगा। इस संभावित फेरबदल में तीन चेहरे सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर रहे हैं, जिनमें भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास, श्रीकांत शिंदे और मेरठ से भाजपा सांसद अरुण गोविल शामिल हैं। अरुण गोविल को देश का जनमानस आज भी प्रसिद्ध धारावाहिक रामायण में निभाए गए 'श्रीराम' के किरदार के रूप में बेहद सम्मान से देखता है।

    क्या अरुण गोविल की एंट्री से डैमेज कंट्रोल की है तैयारी

    सांसद अरुण गोविल को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की सुगबुगाहट ऐसे समय पर तेज हुई है, जब उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा बेहद गर्माया हुआ है। राजनीतिक विश्लेषकों के बीच यह यक्ष प्रश्न बना हुआ है कि क्या सरकार गोविल को मंत्री बनाकर इस धार्मिक-राजनैतिक विवाद के असर को कम करने यानी 'डैमेज कंट्रोल' का प्रयास कर रही है। हालांकि, इसके पीछे एक दूसरा रणनीतिक पहलू भी बेहद अहम माना जा रहा है। दरअसल, अगले वर्ष की शुरुआत में ही उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में भाजपा उत्तर प्रदेश से मंत्रियों का कोटा बढ़ाकर हिंदी भाषी राज्यों में अरुण गोविल की निष्कलंक और 'श्रीराम' वाली छवि का राजनीतिक लाभ उठाने तथा उन्हें एक फायर ब्रांड प्रचारक के रूप में पेश करने की योजना पर काम कर रही है।

    कैबिनेट में नए संभावित चेहरे और कुछ की विदाई की अटकलें

    चर्चाओं के बाजार में यह बात भी तेजी से तैर रही है कि प्रधानमंत्री के वर्तमान प्रधान सचिव और पूर्व आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास को मोदी कैबिनेट में लाकर वित्त मंत्रालय जैसी बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इसके अलावा, शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के पाले में लाने की कूटनीति के तहत श्रीकांत शिंदे को भी कैबिनेट मंत्री का पद दिया जा सकता है। वहीं, हिमाचल प्रदेश के कद्दावर नेता अनुराग ठाकुर की एक बार फिर केंद्रीय कैबिनेट में वापसी के कयास लगाए जा रहे हैं, जबकि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भी मोदी मंत्रिमंडल में सीधी एंट्री हो सकती है। इन नए बदलावों के साथ ही यह भी माना जा रहा है कि धर्मेंद्र प्रधान, हरदीप सिंह पुरी, रवनीत सिंह बिट्टू समेत करीब आधा दर्जन मौजूदा राज्यमंत्रियों को सरकार से बाहर का रास्ता देखना पड़ सकता है।

    राम मंदिर विवाद की जांच और कोर्ट में आरोपियों की पेशी

    राम मंदिर में दान के पैसों और आभूषणों की कथित हेराफेरी के मामले में पुलिस प्रशासन ने गिरफ्तार किए गए सभी 8 आरोपियों को अदालत के समक्ष पेश कर दिया है। जांच एजेंसी ने अदालत को सूचित किया है कि प्रारंभिक जांच के दौरान सभी अभियुक्तों के खिलाफ चोरी के पुख्ता और अकाट्य साक्ष्य हाथ लगे हैं। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, मुख्य सीसीटीवी फुटेज में आरोपी काउंटर और दान पेटी से नकद राशि व आभूषण चुराते हुए साफ तौर पर दिखाई दे रहे हैं। पुलिस की ज्यूडिशियल रिमांड नोट में चंदे की हेराफेरी, टिन्नू नामक मुख्य आरोपी की प्रशासनिक शिथिलता, वाउचर बनाने में अनुकल्प मिश्रा और उसके बहनोई लव कुश मिश्रा द्वारा की गई अनियमितताओं का स्पष्ट उल्लेख है। जांच अधिकारी ने कोर्ट को बताया कि टिन्नू, अनुकल्प, अविनाश, करुणेश, मनीष, लवकुश और रमा शंकर मिश्र जैसे आरोपियों की निशानदेही पर अब तक लगभग 79.84 लाख रुपये की नकद रिकवरी की जा चुकी है, जबकि 8वें आरोपी सुभाष श्रीवास्तव को इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।

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