रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के लगातार दूसरी बार आईपीएल चैंपियन बनने के बाद पूरी आईटी सिटी जश्न के माहौल में डूब गई है। अहमदाबाद के मैदान पर गुजरात टाइटंस के खिलाफ मिली 5 विकेट की धमाकेदार जीत के बाद बड़ी तादाद में क्रिकेट प्रेमी सड़कों पर निकल आए। हाथों में आरसीबी के झंडे और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली के कटआउट्स लेकर फैंस आधी रात तक सड़कों पर घूमते और जीत का उल्लास मनाते दिखे।
हालांकि, पिछले साल एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर मची उस दर्दनाक भगदड़ को प्रशासन भूला नहीं था, जिसमें 11 क्रिकेट प्रेमियों की मौत हो गई थी। इसी के मद्देनजर इस बार स्थानीय पुलिस पूरी तरह मुस्तैद दिखी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर के तमाम संवेदनशील चौराहों और रास्तों पर मजबूत बैरिकेडिंग की गई थी और भारी मात्रा में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
कड़ी सुरक्षा के बीच झूमते रहे क्रिकेट प्रेमी
पुलिस की कड़ी चौकसी के बीच आरसीबी के दीवानों ने सड़कों पर नाच-गाकर अपनी खुशी का इजहार किया। फाइनल मुकाबले में किंग कोहली की नाबाद हाफ सेंचुरी ने फैंस के जोश को दोगुना कर दिया था। मैच देखकर लौट रहे एक समर्थक ने कहा, "हमें बेहद खुशी है कि हमारी टीम दोबारा चैंपियन बनी, लेकिन फाइनल मुकाबला थोड़ा एकतरफा रहा। हमें उम्मीद थी कि गुजरात की टीम और तगड़ी फाइट देगी।" वहीं एक अन्य फैन का कहना था, "मैं सिर्फ विराट कोहली की वजह से आरसीबी को सपोर्ट करता हूं और खुशी है कि विराट और पूरी टीम इस बार उम्मीदों पर खरी उतरी।"
हुड़दंगियों पर भारी पड़ी पुलिस की मुस्तैदी
बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह ने सुरक्षा इंतजामों पर बात करते हुए बताया कि खिताबी मैच को देखते हुए सुरक्षा घेरा पहले ही मजबूत कर दिया गया था। उन्होंने कहा, "यह हमारी रूटीन सुरक्षा योजना का हिस्सा था। हमने पहले ही गाइडलाइंस जारी कर लोगों से शांतिपूर्ण और सलीके से जीत का आनंद लेने की अपील की थी, ताकि आम जनता को कोई असुविधा न हो।"
कमिश्नर ने आगे कहा, "यह शहर बेहद शांतिप्रिय है और हम कुछ हुड़दंगियों की वजह से यहां का माहौल बिगड़ने नहीं दे सकते। इसीलिए पुलिस की पीसीआर गाड़ियां लगातार गश्त कर रही थीं। ड्रिंक एंड ड्राइव (शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों) के खिलाफ देर रात तक चेकिंग अभियान चलाया गया और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कुछ प्रमुख रास्तों को अस्थायी रूप से बंद भी किया गया था।"
फ्रांस में पीएसजी की जीत के बाद भड़की भयंकर हिंसा
जहां एक तरफ बेंगलुरु में क्रिकेट फैंस का जश्न पूरी तरह अनुशासित और नियंत्रण में रहा, वहीं इसके उलट फ्रांस में फुटबॉल क्लब पेरिस सेंट जर्मेन (PSG) की यूईएफए चैंपियंस लीग में ऐतिहासिक जीत के बाद हालात बेकाबू हो गए। वहां फैंस का जश्न हिंसक झड़पों में तब्दील हो गया, जिसके बाद पुलिस को पूरे देश से 780 से ज्यादा उपद्रवियों को हिरासत में लेना पड़ा।
पेरिस के सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, इस हिंसा में करीब 57 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से चोटिल हुए हैं। उपद्रवियों ने कई जगहों पर गाड़ियों में आग लगा दी, तोड़फोड़ की और सुरक्षाबलों पर पथराव किया। पेरिस और उसके आस-पास के इलाकों में शांति बहाल करने के लिए हजारों दंगा नियंत्रण पुलिसकर्मियों को मोर्चा संभालना पड़ा।
पीड़ितों की याद में आरसीबी ने उठाया भावुक कदम
आरसीबी के लिए यह दूसरी खिताबी जीत सिर्फ खेल के मैदान तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक गहरा भावनात्मक पहलू भी जुड़ा था। पिछले साल चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट पर हुए हादसे ने पूरे खेल जगत को रुला दिया था। उन्हीं दिवंगत फैंस को श्रद्धांजलि देने के लिए आरसीबी के खिलाड़ियों ने इस पूरे सीजन में जर्सी नंबर 11 पहनकर खेलने का फैसला किया था। इसके अलावा, फ्रेंचाइजी और कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन ने स्टेडियम के भीतर 11 सीटों को हमेशा के लिए उन्हीं पीड़ितों की याद में रिजर्व (समर्पित) कर दिया है।
विराट कोहली ने फैंस के जज्बे को किया सलाम
चैंपियन बनने के बाद विराट कोहली ने आरसीबी के वफादार फैंस की जमकर तारीफ की। कोहली ने कहा, "हमारे लिए सिर्फ 7 मैच होम ग्राउंड पर नहीं होते, बल्कि सीजन के सभी 14 मैच हमारे लिए घरेलू मैच जैसे होते हैं।" कोहली का इशारा देश के उन तमाम कोनों की तरफ था, जहां आरसीबी की टीम मैच खेलने जाती है और स्टेडियम लाल रंग की जर्सी से पट जाता है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भी कुछ ऐसा ही नजारा था, जहां गुजरात के घरेलू मैदान पर भी आरसीबी के समर्थकों की आवाज ज्यादा बुलंद थी।
टूर्नामेंट खत्म होने के बाद खिलाड़ियों ने अपने परिवारों के साथ होटल में इस दो महीने लंबी थका देने वाली लीग की सफलता का जश्न मनाया। इस दौरान विराट कोहली और अनुष्का शर्मा डांस फ्लोर पर थिरकते दिखे, वहीं टीम के कप्तान रजत पाटीदार के लिए ट्रॉफी की यह जीत उनके जन्मदिन का सबसे नायाब और यादगार तोहफा बन गई।


