More
    Homeराज्यबिहारसिलेंडर ब्लास्ट से मचा हड़कंप, नकदी-जेवर समेत लाखों का सामान जला

    सिलेंडर ब्लास्ट से मचा हड़कंप, नकदी-जेवर समेत लाखों का सामान जला

    सारण: बिहार के सारण जिले के पानापुर थाना क्षेत्र स्थित रामपुररूद्र गांव में शुक्रवार की रात एक अत्यंत दुखद और भीषण अग्निकांड की घटना सामने आई है। रसोई गैस सिलेंडर से अचानक हुए रिसाव के कारण भड़की इस भयानक आग ने कई हंसते-खेलते परिवारों को पल भर में बेघर कर दिया। इस हादसे में पीड़ितों के घरों में रखी नकदी, सोने-चांदी के आभूषण, साल भर का अनाज, कपड़े और अन्य सभी कीमती घरेलू सामान जलकर पूरी तरह से खाक हो गए हैं। इस तबाही के बाद प्रभावित ग्रामीण खुले आसमान के नीचे आ गए हैं और उन्होंने फिलहाल सारण तटबंध पर जाकर शरण ली है।

    भोजन बनाते समय अचानक भड़की भीषण आग

    प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा रामपुररूद्र गांव के निवासी श्यामबाबू महतो के घर पर घटित हुआ। शुक्रवार की रात घर की महिलाएं परिवार के लिए रात का भोजन तैयार कर रही थीं, तभी अचानक गैस सिलेंडर के रेगुलेटर से तेजी से रिसाव होने लगा। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता या उसे नियंत्रित कर पाता, गैस ने आग पकड़ ली और लपटें तेजी से ऊपर उठने लगीं। घर में मौजूद सदस्यों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई, लेकिन कुछ ही मिनटों में आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि आसपास के लोग भी उसे बुझाने के लिए पास जाने का साहस नहीं जुटा सके।

    दमकल कर्मियों और पुलिस ने घंटों की मशक्कत से पाया काबू

    घटना की भयावहता को देखते हुए ग्रामीणों ने तुरंत स्थानीय पानापुर थाना पुलिस और दमकल विभाग को इस मामले की सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां और पुलिस बल की टीम मौके पर पहुंच गई। सुरक्षाकर्मियों और दमकल कर्मियों ने स्थानीय युवाओं की मदद से घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर पूरी तरह काबू पा लिया, लेकिन तब तक तबाही का मंजर फैल चुका था। इस भीषण अगलगी में श्यामबाबू महतो और वीरेंद्र महतो के आशियाने पूरी तरह जमींदोज हो गए, जबकि पड़ोसी हरेसर महतो, राजेश महतो और उपेंद्र महतो के मकानों को भी इस आग के कारण आंशिक रूप से भारी नुकसान पहुंचा है।

    तटबंध पर शरण और सामाजिक प्रतिनिधियों द्वारा त्वरित सहायता

    इस अग्निकांड ने प्रभावित परिवारों के सिर से उनकी छत पूरी तरह छीन ली है, जिससे उनके सामने अब रहने और खाने-पीने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बेघर होने के बाद इन परिवारों ने बच्चों और बुजुर्गों के साथ सारण तटबंध पर प्लास्टिक तानकर अस्थाई बसेरा बनाया है। शनिवार की सुबह घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि वकील राय और पूर्व जिला परिषद प्रतिनिधि अभिषेक रंजन सिंह उर्फ मुनचुन सिंह सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। जनप्रतिनिधियों ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए पीड़ितों को तुरंत नकद आर्थिक सहायता, तिरपाल, चावल, आटा और आलू जैसी बेहद जरूरी खाद्य सामग्री और राहत किट उपलब्ध कराई।

    प्रभावित ग्रामीणों ने की उचित सरकारी मुआवजे की मांग

    इस भयानक त्रासदी में अपना सबकुछ गंवा चुके पीड़ित परिवारों और ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन तथा राज्य सरकार से आपदा राहत कोष के तहत मदद की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि अंचल अधिकारी और राजस्व कर्मचारी को तुरंत मौके पर भेजकर हुए नुकसान का सटीक आकलन कराया जाए। पीड़ितों ने सरकार से मांग की है कि उन्हें तत्काल अंतरिम सहायता राशि देने के साथ-साथ पक्के मकान के निर्माण के लिए आवासीय सहायता और उचित सरकारी मुआवजा दिया जाए, ताकि शून्य पर पहुंच चुके ये गरीब परिवार एक बार फिर से अपनी जिंदगी की नई शुरुआत कर सकें।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here