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    Homeराज्यमध्यप्रदेशइंदौर में ट्रांसमिशन लाइनों के समीप बने घातक

    इंदौर में ट्रांसमिशन लाइनों के समीप बने घातक

    भोपाल : ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) और इंदौर नगर निगम ने शहर में एक्स्ट्रा हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइनों के समीप निर्धारित विद्युत सुरक्षा मापदंड़ो की अवहेलना कर निर्मित किये गये मानव जीवन के लिये घातक और असुरक्षित अनाधिकृत निर्माणों को हटाने के लिये एक मुहिम शुरू की है। इसमें इंदौरवासियों को ट्रांसमिशन लाइनों के संपर्क में आने से होने वाली दुर्घटनाओं की आंशका से बचाया जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि कुछ समय पूर्व खजराना क्षेत्र स्थित कृष्ण विहार कॉलोनी में एक दर्दनाक हादसे में 38 वर्षीय मजदूर मनोज सोलंकी की मौत हो गई थी। यह दुर्घटना 132 के.व्ही. महालक्ष्मी-साउथ ज़ोन ट्रांसमिशन लाइन के इंडक्शन ज़ोन में निर्माण कार्य किए जाने के कारण हुई थी।

    पी.एस. सिस्टम से दी जा रही है चेतावनीः

    एम.पी. ट्रांसको इंदौर की अतिरिक्त मुख्य अभियंता नीलम खन्ना ने बताया कि इंदौर के ऐसे सभी क्षेत्र जहां पहले से ही ट्रांसमिशन लाइनें क्रियाशील है, फिर भी विद्युत सुरक्षा मापदंड़ों को नजर अंदाज कर उनके समीप अनाधिकृत निर्माण कर लिये गये है, उन क्षेत्रों में ट्रांसमिशन लाइनों से दुर्घटना एवं जनहानि होने की आंशका के मद्देनजर वहां पर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा सुरक्षा नियमों की जानकारी घर-घर चस्पा की जा रही है। साथ ही कर्मचारी लाइनों से सुरक्षित दूरी बनाये रखने हेतु पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम से अनाउसमेंट भी कर रहे हैं। जागरूकता एवं जनसुरक्षा के लिये ट्रांसमिशन लाइनों के संपर्क में आने से संभावित खतरों से सचेत भी कराया जा रहा है।

    27 मीटर का सुरक्षित कॉरीडोर क्यों है आवश्यकः

    केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) की गाइडलाइन्स के अनुसार, 132 के.व्ही. या इससे ऊपर की एकस्ट्रा हाई टेंशन लाइन के ऊपर या नीचे किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य 27 मीटर के कॉरीडोर की न्यूनतम सुरक्षित दूरी के भीतर नहीं किया जाना चाहिए। यह दूरी इसलिए निर्धारित की गई है क्योंकि हवा के दबाव से कंडक्टर (विद्युत तार) झूल सकता है, जिसे स्विंग कहा जाता है। इस स्विंग को ध्यान में रखते हुए यह सुरक्षित दूरी तय की गई है, जिससे किसी भी संभावित विद्युत दुर्घटना को रोका जा सके।

    इंदौर के इन संवेदनशील क्षेत्रों में जारी किये गये है 861 नोटिस

    घातक निर्माणों को हटाने के लिए इंदौर में लिंबोदी, पल्दा, मूसाखेड़ी, कनाडिया रोड, खजराना, सुखलिया, यशोदा नगर, गौरी नगर, मुखर्जी नगर, महेश यादव नगर, बाणगंगा, लसूडिया, अशोक नगर, आलोक नगर, राऊ, जेतपुरा, मंगल नगर, गणेश धाम, आजाद नगर, संविद नगर, वैभव नगर, खंडवा रोड मछली फार्म, चाणक्यपुरी (देवास), प्रताप नगर (देवास), हरिओम नगर (देवास) जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अब तक 861 नोटिस जारी किए गए हैं।

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