More
    Homeराज्ययूपी'शासन-प्रशासन मेरा है' कहकर युवक को जड़ा थप्पड़? भाजपा कोषाध्यक्ष पर गंभीर...

    ‘शासन-प्रशासन मेरा है’ कहकर युवक को जड़ा थप्पड़? भाजपा कोषाध्यक्ष पर गंभीर आरोप

    सुल्तानपुर। नगर कोतवाली क्षेत्र की शाहगंज पुलिस चौकी में बुधवार रात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें भाजपा की जिला कोषाध्यक्ष पूजा कसौधन को पुलिस चौकी इंचार्ज के सामने एक युवक को थप्पड़ मारते हुए देखा जा सकता है। पीड़ित अरुण कोरी, जो शहर के घोसियाना निवासी हैं और एक निजी फर्म में कार्यरत हैं, का आरोप है कि भाजपा नेत्री और उनके पुत्र रौनक कसौधन ने शाहगंज चौराहे पर उनके साथ अभद्रता की और हमला कर दिया। अरुण ने किसी तरह वहां से अपनी जान बचाकर पुलिस चौकी में शरण ली और मामले की शिकायत की।

    चौकी इंचार्ज के सामने मारपीट का मामला

    घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि जब पीड़ित युवक न्याय की उम्मीद में पुलिस चौकी पहुंचा, तो वहां भी भाजपा नेत्री अपने पुत्र के साथ पहुंच गईं। पुलिस चौकी इंचार्ज अविनाश चंद्र की मौजूदगी में ही पूजा कसौधन ने पीड़ित की पिटाई कर दी। पीड़ित का आरोप है कि इस दौरान नेत्री ने उसे धमकाते हुए कहा कि शासन और प्रशासन उन्हीं का है और यदि वह मर भी जाएगा तो उसे पूछने वाला कोई नहीं होगा। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद से ही क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

    प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू

    सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और पीड़ित अरुण कोरी द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर नगर कोतवाली में संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। क्षेत्राधिकारी नगर राघवेंद्र सिंह ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जांच के निष्कर्षों के अनुसार दोषियों पर उचित दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

    सोशल मीडिया और जनमानस में आक्रोश

    इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं में काफी नाराजगी देखी जा रही है। लोग एक सरकारी कार्यालय और पुलिस की उपस्थिति में इस तरह के आक्रामक व्यवहार को लोकतंत्र के लिए उचित नहीं मान रहे हैं। पीड़ित को मिली जान से मारने की धमकी और प्रशासनिक रसूख का हवाला देकर उसे डराने के प्रयास को लेकर लोग कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मामले में कितनी निष्पक्षता से जांच पूरी करती है और पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here