नई दिल्ली। बीते कुछ वर्षों में भारत की विकास यात्रा में व्यापक और अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिला है। गांवों से लेकर महानगरों तक, गरीब परिवारों से लेकर मध्यम वर्ग तक तथा युवाओं से लेकर महिलाओं तक, विकास की चर्चा अब केवल कागजी नीतियों और सरकारी घोषणाओं तक सीमित नहीं रह गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों को केंद्र में रखकर चलाए जा रहे 'सेवा संकल्प अभियान' (17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026) की मूल भावना इसी सकारात्मक बदलाव को जन-जन तक पहुँचाने की है।
जन-कल्याणकारी योजनाएं और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार
भारत की इस विकास यात्रा में उन पहलों का योगदान सबसे महत्वपूर्ण रहा है, जिन्होंने आम नागरिकों के दैनिक जीवन में बुनियादी सुविधाओं की पहुँच सुनिश्चित की है। जनधन योजना के माध्यम से करोड़ों लोगों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ना, उज्ज्वला योजना से गरीब परिवारों की महिलाओं को रसोई गैस की सुविधा देना, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण और 'हर घर जल' योजना जैसी पहलों ने विकास को सीधे परिवारों के जीवन से जोड़ा है। इसके अतिरिक्त, आयुष्मान भारत (पीएम-जय), प्रधानमंत्री आवास योजना और किसान सम्मान निधि जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं ने अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सशक्तिकरण का लाभ पहुँचाया है।
डिजिटल भारत और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई तस्वीर
डिजिटल भारत अभियान ने देश के वित्तीय और सामाजिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है। यूपीआई (UPI) के विस्तार ने डिजिटल भुगतान को हर नागरिक के दैनिक जीवन का हिस्सा बना दिया है। जनधन, मोबाइल और अन्य डिजिटल प्रणालियों के एकीकरण से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) अत्यंत पारदर्शी और मजबूत हुआ है, जिससे सरकारी सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुँच रही है।
इसी के साथ, ग्रामीण भारत में पक्की सड़कों, आवास, बिजली, पेयजल और इंटरनेट कनेक्टिविटी के विस्तार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है। किसानों के लिए आधुनिक कृषि अवसंरचना, सिंचाई और डिजिटल बाज़ार तक पहुँच ने कृषि क्षेत्र में नए अवसर पैदा किए हैं।
महिला सशक्तिकरण और युवा नवाचार पर विशेष जोर
देश में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी विकास की मुख्य कसौटी बनकर उभरी है। स्वयं सहायता समूहों, मुद्रा ऋण, महिला उद्यमिता, पोषण और मातृ स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं ने महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया है। वहीं, 'स्टार्टअप इंडिया' और 'नई शिक्षा नीति' जैसी पहलों ने युवाओं में नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा दिया है, जिससे भारत दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम में शुमार हो चुका है। 'सेवा संकल्प अभियान' के जरिए इन्हीं जमीनी बदलावों और लाभार्थियों की वास्तविक गाथाओं को देश के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है।


