More
    Homeराजस्थानअलवरडी-मार्ट में नकली बारकोड घोटाला उजागर, अरावली विहार पुलिस ने आरोपी को...

    डी-मार्ट में नकली बारकोड घोटाला उजागर, अरावली विहार पुलिस ने आरोपी को दबोचा

    अलवर डी-मार्ट में नकली बारकोड लगाकर धोखाधड़ी करने वाला आरोपी गिरफ्तार। अरावली विहार पुलिस ने तत्काल कार्रवाई कर आर्थिक अपराध का किया खुलासा।

    मिशनसच न्यूज, अलवर। शहर के अरावली विहार थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां डी-मार्ट स्टोर में चल रहे नकली बारकोड घोटाले का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस आर्थिक अपराध में शामिल एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान नरेंद्र पुत्र कुशाल, निवासी उपला सोनावा के रूप में हुई है।

    पुलिस के अनुसार आरोपी काफी समय से कंपनी के उत्पादों पर नकली बारकोड चिपकाकर कीमतों में हेराफेरी कर रहा था। इस जालसाजी के जरिए वह महंगे उत्पादों को कम कीमत पर खरीद लेता था, जिसकी भनक डी-मार्ट प्रबंधन को भी लंबे समय तक नहीं लगी।

    स्टॉक मिलान के दौरान हुआ खुलासा

    डी-मार्ट प्रबंधन ने बताया कि उन्हें बिलिंग और स्टॉक मिलान के दौरान कई बारकोड संदिग्ध लगे। कई प्रोडक्ट्स की वास्तविक कीमत और बिलिंग में दिख रही कीमत मेल नहीं खा रही थी। स्टाफ ने इस मामले की आंतरिक जांच की तो सामने आया कि कुछ उत्पादों पर असली बारकोड की जगह फर्जी बारकोड स्टिकर चिपकाया गया था।

    इसके बाद डी-मार्ट टीम ने तुरंत अरावली विहार थाने में शिकायत दर्ज करवाई।

    तेज कार्रवाई कर पकड़ा आरोपी

    थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और तकनीकी जांच के साथ सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच में यह साफ हुआ कि आरोपी नरेंद्र ही स्टोर में खरीदारी के दौरान उत्पादों के बारकोड बदलकर धोखाधड़ी कर रहा था।

    पुलिस ने उसे दबोच लिया और थाने ले जाकर पूछताछ की जा रही है।

    पुलिस कर रही है विस्तृत जांच

    पुलिस का कहना है कि अब जांच इस दिशा में भी की जा रही है कि —

    • क्या इस घोटाले में और लोग भी शामिल थे?

    • कितने समय से यह बारकोड स्कैम चल रहा था?

    • डी-मार्ट को कुल कितना आर्थिक नुकसान हुआ?

    आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आईटी एक्ट सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।

    एएसआई शंकर लाल ने कहा कि इस प्रकार की धोखाधड़ी व्यापारिक संस्थानों के लिए गम्भीर खतरा है और पुलिस ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई से व्यापार जगत में राहत

    इस खुलासे के बाद न केवल कंपनी को राहत मिली है, बल्कि शहर के व्यापारिक प्रतिष्ठानों में भी यह संदेश गया है कि आर्थिक अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा

    स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे अपराध बढ़ते ट्रेंड के रूप में सामने आ रहे हैं और पुलिस की सख्त कार्रवाई से गलत प्रवृत्ति पर रोक लगेगी।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here