नई दिल्ली/प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कांग्रेस के प्रस्तावित संवाद कार्यक्रम 'छात्रों की गूंज' के लिए केपी कॉलेज मैदान की अनुमति अचानक निरस्त कर दिए जाने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 8 अगस्त को इस कार्यक्रम के जरिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों से संवाद करने वाले थे। अनुमति रद्द होने के बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा, "पता नहीं वे किस बात से डर रहे हैं।"
अंतिम समय में ट्रस्ट ने रद्द की बुकिंग, दिया कोर्ट का हवाला
प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली, पेपर लीक, बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रियाओं में हो रही देरी जैसे मुद्दों पर छात्रों से चर्चा के लिए कांग्रेस ने प्रयागराज के केपी कॉलेज मैदान को बुक किया था। पार्टी के अनुसार, 30 जुलाई को केपी ट्रस्ट की ओर से लिखित स्वीकृति भी प्रदान कर दी गई थी। हालांकि, कार्यक्रम की तारीख करीब आते ही ट्रस्ट ने एक पत्र जारी कर बुकिंग निरस्त कर दी। ट्रस्ट ने अपने पत्र में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 14 अगस्त 2025 के आदेश का हवाला दिया, जिसके अनुसार शैक्षणिक परिसरों में ऐसे किसी आयोजन की अनुमति नहीं दी जा सकती जिससे पठन-पाठन प्रभावित हो। इसके अतिरिक्त बारिश के कारण मैदान खराब होने का तर्क देते हुए ट्रस्ट ने बुकिंग राशि वापस लौटाने की बात कही है।
छात्रों के मुद्दों पर संवाद से भी डर रही सरकार: प्रियंका गांधी
अनुमति निरस्त होने पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि राहुल गांधी केवल युवाओं और प्रतियोगी छात्रों की समस्याएं सुनने और उनसे सीधा संवाद करने जा रहे थे। यदि सरकार छात्रों की समस्याओं और उनकी आवाज से भी डरने लगी है, तो यह स्थिति बेहद निराशाजनक है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि उत्तर प्रदेश सरकार के प्रशासनिक दबाव के कारण ही ट्रस्ट ने अंतिम समय में यह निर्णय लिया है।


