जालंधर। पंजाब की राजनीति से जुड़ी एक बेहद बड़ी खबर सामने आई है, जहां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के चक्रव्यूह में फंसे राज्य के दो कद्दावर नेता गुरुवार को जालंधर स्थित केंद्रीय एजेंसी के आंचलिक कार्यालय में तलब किए गए। ईडी के समक्ष हाजिर होने वाले इन चेहरों में जालंधर सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी (आप) के मौजूदा विधायक रमन अरोड़ा और फरीदकोट से कांग्रेस के पूर्व विधायक कुशलदीप सिंह उर्फ किक्की ढिल्लों शामिल हैं। दोनों ही नेताओं से वित्तीय अनियमितताओं को लेकर अलग-अलग कमरों में सघन पूछताछ की जा रही है, जिससे राज्य के सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है।
'आप' विधायक रमन अरोड़ा से दोबारा तीखे सवाल-जवाब
आम आदमी पार्टी के विधायक रमन अरोड़ा सुबह तय समय पर बेहद गुपचुप तरीके से ईडी दफ्तर पहुंचे और इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद मीडिया कर्मियों से पूरी दूरी बनाए रखी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले बीते 2 जून को भी केंद्रीय जांच एजेंसी के आला अधिकारियों ने उन्हें तलब कर करीब 9 घंटे तक मैराथन पूछताछ की थी। रमन अरोड़ा के खिलाफ अपनी घोषित आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और पद के दुरुपयोग से जुड़े भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। इस मामले में पूर्व में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो भी उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर चुका है, और अब ईडी इस पूरे मामले में हुए धन के अवैध लेन-देन तथा 'मनी लॉन्ड्रिंग' (धन शोधन) के कोण से कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
कांग्रेस के पूर्व विधायक किक्की ढिल्लों की भी बढ़ी मुश्किलें
दूसरी ओर, फरीदकोट के पूर्व कांग्रेस विधायक कुशलदीप सिंह उर्फ किक्की ढिल्लों भी अपनी वित्तीय जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों के सामने पेश हुए। किक्की ढिल्लों के विरुद्ध भी अपने विधायकी कार्यकाल के दौरान ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक चल-अचल संपत्ति बनाने के संगीन आरोप हैं। इस मामले की पृष्ठभूमि भी राज्य की विजिलेंस जांच से जुड़ी हुई है, जिसने पहले उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कर उन पर कानूनी शिकंजा कसा था। अब ईडी ने इस मामले को अपने हाथ में लेते हुए धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत इसकी गहराई से जांच शुरू कर दी है कि आखिर इस कथित अवैध संपत्ति का पैसा कहां-कहां निवेश किया गया।
केंद्रीय एजेंसियों की रडार पर पंजाब के बड़े राजनेता
पंजाब में विपक्षी दलों और सत्तापक्ष के नेताओं पर केंद्रीय जांच एजेंसियों की इस दोहरी कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार और बेनामी संपत्तियों के खिलाफ आने वाले दिनों में जांच का दायरा और अधिक बढ़ सकता है। दोनों ही नेताओं से उनके बैंक खातों के विवरण, पारिवारिक संपत्तियों के दस्तावेज और हाल के वर्षों में किए गए बड़े व्यावसायिक निवेशों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस पूछताछ के दौरान ईडी को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े कोई ठोस और आपत्तिजनक सबूत हाथ लगते हैं, तो इन दोनों ही रसूखदार नेताओं की मुश्किलें आने वाले समय में और अधिक बढ़ सकती हैं।


