More
    Homeराज्यबिहारपूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव के बेटे रोहित उरांव से ED की...

    पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव के बेटे रोहित उरांव से ED की पूछताछ जारी, 30 लाख नकद मिलने का मामला

    रांची। झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। मनी लॉन्ड्रिंग (काले धन को सफेद करने) के एंगल से जांच कर रही ईडी के दूसरे समन पर कार्रवाई करते हुए, झारखंड सरकार के पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव के बेटे रोहित उरांव सोमवार सुबह रांची के एयरपोर्ट रोड स्थित ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे।

    ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय में अधिकारियों के तीखे सवाल

    रोहित उरांव के दफ्तर पहुंचते ही ईडी के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि जांच टीम के पास सवालों की एक लंबी फेहरिस्त है। ईडी इस घोटाले से जुड़े वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और बेनामी संपत्तियों के बारे में रोहित से कड़ाई से पूछताछ कर रही है।

    शराब माफिया योगेंद्र तिवारी और प्रेम प्रकाश से जुड़े तार

    ईडी की जांच में यह बात सामने आई है कि यह पूरा मामला झारखंड के चर्चित शराब माफिया योगेंद्र तिवारी और सत्ता के गलियारों में मजबूत पकड़ रखने वाले प्रेम प्रकाश से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। प्रेम प्रकाश को राज्य के कई बड़े नेताओं और शीर्ष अधिकारियों का बेहद करीबी माना जाता रहा है, और इसी सिंडिकेट के जरिए शराब के इस खेल को अंजाम दिया गया।

    शराब के धंधे में 'काले धन' के निवेश का आरोप

    जांच एजेंसी को पुख्ता इनपुट मिले हैं कि राज्य की पुरानी उत्पाद नीति (Excise Policy) के लागू रहने के दौरान रोहित उरांव ने बड़े पैमाने पर शराब के कारोबार में अवैध रूप से कमाए गए काले धन का निवेश किया था। इस अवैध निवेश को सुरक्षित तरीके से रूट करने में शराब माफिया योगेंद्र तिवारी और प्रेम प्रकाश ने रोहित उरांव की सीधे तौर पर मदद की थी।

    दूसरे समन पर हाजिर हुए रोहित, बढ़ सकती हैं मुश्किलें

    इससे पहले ईडी ने रोहित उरांव को पूछताछ के लिए पहला समन भेजा था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए थे। इसके बाद एजेंसी ने दूसरा नोटिस जारी कर उन्हें सख्त निर्देश दिए थे, जिसके बाद आज वह केंद्रीय एजेंसी के सामने पेश हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि अगर रोहित के जवाब संतोषजनक नहीं रहे, तो इस मामले में उनकी मुश्किलें और ज्यादा बढ़ सकती हैं।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here