भोपाल/नर्मदापुरम: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) के पूर्व इंजीनियर गोविंद प्रसाद मेहरा पर शिकंजा कसा है। ईडी ने पूर्व इंजीनियर और उनके परिवार की करीब 67 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति को जब्त कर लिया है। यह पूरी कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है।
6 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति का मामला
जांच में यह बात सामने आई है कि गोविंद प्रसाद मेहरा ने साल 1985 से 2024 के बीच PWD विभाग में इंजीनियर के पद पर रहते हुए अपने पद का जमकर दुरुपयोग किया और बेहिसाब संपत्ति कमाई। दर्ज हुई एफआईआर (FIR) के अनुसार, मेहरा की वैध आय 4 करोड़ रुपये होनी चाहिए थी, लेकिन उनके पास 10 करोड़ रुपये की संपत्ति मिली। इसमें से 6 करोड़ रुपये की संपत्ति का कोई कानूनी रिकॉर्ड या हिसाब-किताब नहीं है। इसके अलावा, छापेमारी के दौरान पूर्व इंजीनियर के ठिकानों से 8.79 लाख रुपये नकद और 3.51 करोड़ रुपये के सोने-चांदी के गहने व अन्य कीमती सामान बरामद हुआ, जिसका कोई भी दस्तावेज मेहरा पेश नहीं कर पाए।
72 एकड़ जमीन पर बना आलीशान फार्म हाउस
ईडी की जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है कि मेहरा और उनके परिवार ने नर्मदापुरम जिले की सोहागपुर तहसील के सैनी गांव में स्थित 'कस्तूरी फार्म हाउस' को एक बेहद आलीशान रिसॉर्ट में बदल दिया था। यह फॉर्म हाउस करीब 72 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है। इस आलीशान जगह पर कॉटेज, रहने के लिए बड़ी बिल्डिंग, अंदरूनी पक्की सड़कें और कृत्रिम जलाशय (आर्टिफिशियल तालाब) जैसी कई आधुनिक सुविधाएं तैयार की गई थीं। एक अनुमान के मुताबिक, बाजार में इसकी कीमत करीब 49.44 करोड़ रुपये है, जबकि इसे बनाने और विकसित करने में ही लगभग 16 करोड़ रुपये का खर्च किया गया था।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
इस पूरे मामले को लेकर पूर्व इंजीनियर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1)बी और 13(2) के तहत गंभीर मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके साथ ही, ईडी ने PMLA की धारा 66(2) के तहत भी शिकायत दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।


