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    जारकीहोली पर ED का शिकंजा, कांग्रेस ने कहा- चुनी हुई सरकार को कमजोर करने की साजिश

    बेलगावी।  कर्नाटक के लोक निर्माण मंत्री सतीश जारकीहोली और उनसे जुड़े सहयोगियों के परिसरों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी गुरुवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। कथित अवैध विदेशी निवेश और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े एक मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने बेलगावी और गोकाक स्थित मंत्री के पारिवारिक आवासों तथा रिश्तेदारों के ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया।

    परिजनों, निजी सचिव और करीबी सहयोगियों के ठिकानों पर दबिश

    जांच एजेंसी की टीमों ने गोकाक स्थित मंत्री जारकीहोली के पैतृक निवास की तलाशी ली, जहां उनकी पत्नी और पुत्री सांसद प्रियंका जारकीहोली मौजूद थीं। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय दल ने बेलगावी में उनके रिश्तेदार वाई. मंजूनाथ, करीबी सहयोगी गिरीश सोनावलकर और निजी सचिव मालागौड़ा पाटिल के आवासों पर भी दस्तावेज खंगाले।

    चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को समन, दस्तावेज और उपकरण जब्त

    वित्तीय लेन-देन की गहन जांच के सिलसिले में ईडी ने मंत्री के सीए प्रदीप कुमार इंदी और सैदप्पा गडागी को समन जारी कर लेखा-जोखा से जुड़े अभिलेख प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। कार्रवाई के दौरान जांच टीम ने मौके से वित्तीय दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (प्रिंटर आदि) भी कब्जे में लिए हैं।

    कांग्रेस का भाजपा पर तीखा हमला: 'सरकार को अस्थिर करने का प्रयास'

    लगातार जारी कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने केंद्र सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। धारवाड़ जिला कांग्रेस अध्यक्ष सदानंद डंगनावर ने कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल राज्य सरकार की सफलता से बौखलाहट में है और सरकार को गिराने का प्रयास कर रहा है, हालांकि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पूरी तरह एकजुट है।

    शीर्ष राज्य नेतृत्व ने केंद्रीय एजेंसियों की निष्पक्षता पर उठाए सवाल

    इससे पूर्व उप-मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और राज्य के मंत्री प्रियंक खरगे ने भी ईडी की इस कार्रवाई को पूर्वाग्रह से ग्रसित करार दिया था। प्रियंक खरगे ने आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि केंद्रीय जांच एजेंसियों की बहुसंख्यक कार्रवाइयां केवल विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए की जा रही हैं, लेकिन इससे राज्य सरकार के जनसेवा संकल्प पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

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