पुणे। महाराष्ट्र विधान परिषद की पाँच सीटों के लिए मतगणना की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से आरंभ हो चुकी है, जिसके बाद से तमाम राजनीतिक दलों और चुनावी मैदान में उतरे प्रत्याशियों की धड़कनें तेज हो गई हैं। विशेष रूप से पुणे संभाग के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की मतगणना को लेकर राजनीतिक गलियारों में जबरदस्त उत्सुकता का माहौल बना हुआ है। हालांकि, मतगणना की प्रणाली काफी जटिल और बहुस्तरीय होने के कारण अंतिम परिणाम सामने आने में काफी विलंब होने की आशंका जताई जा रही है। माना जा रहा है कि स्पष्ट नतीजे देर रात तक ही आ पाएंगे, जबकि कुछ विशेष परिस्थितियों में मतगणना का यह दौर बुधवार तक भी खिंच सकता है। प्रशासनिक व्यवस्था के तहत पुणे संभाग में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना के लिए कुल 100 टेबल लगाए गए हैं, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के वोटों की गिनती के लिए 42 टेबल स्थापित किए गए हैं।
मतगणना की जटिल प्रक्रिया और वरीयता वोटों का तकनीकी गणित
पुणे संभाग के इन दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में अपनाई जाने वाली मतगणना की प्रक्रिया सामान्य चुनावों से काफी भिन्न और बेहद तकनीकी प्रकृति की है। स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतपत्रों की संख्या अत्यधिक होने के साथ-साथ जीत का कोटा केवल वैध वोटों के आधार पर ही निर्धारित किया जाता है। यदि पहली वरीयता की मतगणना के दौरान कोई भी प्रत्याशी तय किया गया कोटा हासिल करने में असफल रहता है, तो नियमानुसार अगली वरीयता के मतों की गिनती का चरण शुरू किया जाता है। इसी पेचीदा और बारीक प्रक्रिया की वजह से मतगणना पूरी होने और अंतिम विजयी उम्मीदवार की घोषणा होने में लंबा समय लगना तय माना जा रहा है।
निर्वाचन अधिकारियों एवं कर्मियों को दिया गया गहन प्रशिक्षण
पुणे संभाग निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत पुणे, सातारा, सांगली, कोल्हापुर और सोलापुर जिले शामिल हैं। मतगणना प्रक्रिया को त्रुटिरहित और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से मतगणना केंद्र में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस प्रशिक्षण सत्र में विभाग के पांचों जिलों के जिलाधिकारी, सहायक निर्वाचन निर्णय अधिकारी तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। अपर जिलाधिकारी एवं महाऊर्जा के अतिरिक्त महानिदेशक अरुण आनंदकर ने शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना से जुड़े कर्मियों को निर्देश दिए, जबकि सहआयुक्त संजय पलांडे ने स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की बारीकियों से अधिकारियों को अवगत कराया।
स्नातक तथा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान के आंकड़े
पश्चिम महाराष्ट्र के पांचों जिलों में दर्ज किए गए मतदान के आंकड़ों के अनुसार पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पंजीकृत कुल 3,88,019 मतदाताओं में से 2,43,521 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। वहीं दूसरी ओर पुणे संभाग शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 61,940 पंजीकृत मतदाताओं में से 53,184 वोट पड़े थे। स्नातक क्षेत्र में मतदाताओं की बड़ी संख्या के कारण मतपत्रों की छंटाई और गिनती एक लंबा समय लेने वाली प्रक्रिया साबित होगी, जबकि शिक्षक क्षेत्र में भी मतपत्रों की तकनीकी जांच के विभिन्न चरणों के कारण परिणाम आने में स्वाभाविक रूप से देरी होगी।
अंतिम नतीजों के लिए आधी रात तक इंतजार रहने की संभावना
प्रत्येक मतपत्र की सूक्ष्मता से जांच, वैध मतों का पृथक्करण, जीत के न्यूनतम कोटे का निर्धारण तथा आवश्यकता पड़ने पर दूसरी और तीसरी वरीयता के मतों की गणना जैसे आवश्यक चरणों के चलते अंतिम नतीजे घोषित होने में विलंब होना स्वाभाविक है। ऐसी स्थिति में चुनावी दौड़ में शामिल सभी प्रत्याशियों, उनके समर्थकों और विभिन्न राजनीतिक दलों को आधिकारिक परिणामों के लिए देर रात अथवा अगले दिन तक का सब्र रखना पड़ सकता है।


