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    Homeराज्यबिजली सेवाओं को मिलेगा नया विस्तार, पानीपत में शुरू हुए नए डिवीजन

    बिजली सेवाओं को मिलेगा नया विस्तार, पानीपत में शुरू हुए नए डिवीजन

    पानीपत। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (यूएचबीवीएनएल) ने अपनी विद्युत सेवाओं को पहले से कहीं अधिक सुदृढ़ और उपभोक्ता अनुकूल बनाने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। बिजली निगम ने पानीपत सर्कल के अंतर्गत नए तैयार किए गए 'ऑपरेशन डिवीजन सिटी वेस्ट' के साथ-साथ दो नए सब-डिवीजनों—'असंध रोड' और 'जीटी रोड' को पूरी तरह से चालू करने की हरी झंडी दे दी है।

    निगम की एडमिनिस्ट्रेशन विंग की ओर से जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों के मुताबिक, मैदानी दफ्तरों के पुनर्गठन की मुहिम के तहत पूर्व में 15 नए डिवीजन और 54 नए सब-डिवीजन स्वीकृत किए गए थे। इनमें से अब तक 10 डिवीजन और 29 सब-डिवीजनों में सुचारू रूप से कामकाज शुरू हो चुका है, जबकि इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए अब पानीपत में भी नया ढांचा सक्रिय किया जा रहा है।

    पुराने सब-डिवीजनों को बांटकर बने नए दफ्तर

    कार्यप्रणाली को आसान बनाने के लिए मॉडल टाउन सब-डिवीजन को विभाजित करके असंध रोड सब-डिवीजन का गठन किया गया है, वहीं सोनाली रोड सब-डिवीजन के बंटवारे के बाद जीटी रोड सब-डिवीजन को अस्तित्व में लाया गया है। इन नए प्रशासनिक केंद्रों के चालू हो जाने से क्षेत्रीय उपभोक्ताओं को बिजली बिल दुरुस्त करवाने, बिजली आपूर्ति के रखरखाव, फॉल्ट ठीक कराने और अपनी शिकायतों के त्वरित निपटारे में काफी सहूलियत मिलेगी। निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन दफ्तरों का कामकाज फिलहाल मौजूदा एक्सईएन, एसडीओ और उपलब्ध कर्मचारियों के भरोसे ही चलाया जाएगा और इनका पूरा खर्च स्टाफ कॉस्ट बजट हेड से निकाला जाएगा।

    अदालती स्टे वाले तकनीकी स्टाफ पर आया बड़ा फैसला

    इस बड़े बदलाव के बीच यूएचबीवीएनएल ने असिस्टेंट लाइनमैन (ALM) और शिफ्ट अटेंडेंट (SA) संवर्ग के तकनीकी कर्मचारियों से जुड़े एक बेहद संवेदनशील मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के आदेश दिए हैं। निगम के एचआर (मानव संसाधन) विभाग ने इस बाबत सभी मुख्य अभियंताओं और संबंधित सर्कल अधिकारियों को एक महत्वपूर्ण पत्र जारी किया है।

    कर्मचारियों को वापस ड्यूटी पर लेने के निर्देश

    नए नियमों के तहत, जिन तकनीकी कर्मियों के सेवा संबंधी मामले फिलहाल उच्च न्यायालय में लंबित हैं और जिन्हें अदालत की तरफ से स्थगन आदेश (स्टे) मिला हुआ है, उन्हें आगामी आदेश तक उनके मौजूदा ड्यूटी स्थल से कार्यमुक्त (रिलीव) नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही, जिन कर्मचारियों को प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत पहले ही कार्यमुक्त किया जा चुका है, लेकिन वे अब कोर्ट के स्टे के दायरे में आ रहे हैं, उन्हें बिना किसी देरी के तुरंत प्रभाव से वापस काम पर बुला लिया जाएगा।

    प्रशासन ने मांगी प्रभावित कर्मियों की सूची

    निगम मुख्यालय ने सभी जोन प्रभारियों को सख्त हिदायत दी है कि वे अपने-अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों से अब तक रिलीव किए जा चुके सभी कर्मचारियों का पूरा ब्योरा तुरंत हेड ऑफिस भेजें। इसके अलावा, जिन कर्मचारियों के पास अदालत का स्टे ऑर्डर है, उनकी एक अलग से सूची तैयार कर मांगी गई है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की न्यायिक अवमानना या कानूनी उलझन से बचा जा सके।

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