पाटण। नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के एक गंभीर मामले में स्थानीय अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी शिक्षक रणजीत चौधरी को चार साल के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, अदालत ने पीड़िता को 50 हजार रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। यह घटना अप्रैल 2024 की है, जिसने शिक्षक जैसे जिम्मेदार पद की गरिमा और छात्र-शिक्षक के पवित्र रिश्ते को कलंकित किया था।
व्हाट्सएप मैसेज भेजकर घर बुलाया था
अभियोजन पक्ष के अनुसार, अप्रैल 2024 में आरोपी शिक्षक रणजीत चौधरी ने नाबालिग छात्रा को कॉपियां या पेपर चेक करने के बहाने व्हाट्सएप पर संदेश भेजकर अपने पास बुलाया था। शिक्षक की बात पर विश्वास करके जब छात्रा उसके पास पहुँची, तो आरोपी उसे अपनी एक्टिवा स्कूटी पर बैठाकर अपने घर ले गया। वहाँ उसने नाबालिग के साथ अश्लील हरकतें और छेड़छाड़ की। घटना के बाद पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर अपने परिवार को आपबीती बताई, जिसके बाद पुलिस में मामला दर्ज कराया गया।
अदालत का सख्त संदेश
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने आरोपी शिक्षक को दोषी करार देते हुए चार साल की सजा और मुआवजे का यह फैसला सुनाया। न्यायपालिका के इस कदम को समाज में एक कड़ा संदेश देने वाला माना जा रहा है, जो यह साबित करता है कि शिक्षण संस्थानों और शिक्षकों की आड़ में बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।


