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    ईरान में कुछ बड़ा होने की आशंका, तैनात किए खूंखार गार्ड, सैन्य ठिकानों को किया अलर्ट

    तेहरान। ईरान के सभी 31 प्रांतों और लगभग 180 शहरों में अयातुल्ला खामेनेई के शासन के खिलाफ भड़का जनाक्रोश अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। राजधानी तेहरान समेत देश के कोने-कोने में प्रदर्शनकारी बेकाबू हो चुके हैं और स्थिति केवल सड़कों पर विरोध तक सीमित नहीं रही, बल्कि अब शासन के भीतर भी बगावत के सुर उठने लगे हैं। अंतरराष्ट्रीय दबाव और अमेरिका की ओर से मिल रही लगातार धमकियों के बीच, सुप्रीम लीडर खामेनेई ने अपनी सत्ता बचाने के लिए देश के गुप्त सैन्य संसाधनों को सक्रिय कर दिया है।
    रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने अपनी रहस्यमयी मिसाइल सिटीज यानी जमीन के भीतर बने उन विशाल सैन्य ठिकानों को अलर्ट पर रखा है, जहां लंबी दूरी तक मार करने वाली घातक मिसाइलों का जखीरा मौजूद है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान इस समय पिछले वर्ष हुए युद्धों से भी अधिक उच्च स्तर की सैन्य तैयारी में है। देश के आंतरिक हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और सेना के कुछ हिस्सों में हो रही बगावत को देखते हुए खामेनेई ने अपने सबसे वफादार दस्ते इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को सड़कों पर उतार दिया है। कॉर्प्स को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी कीमत पर विद्रोहियों की आवाज को दबाएं। शासन ने प्रदर्शनकारियों को डराने के लिए बेहद सख्त रुख अपनाते हुए ऐलान किया है कि विद्रोह करने वालों को ईश्वर का दुश्मन माना जाएगा। ईरानी कानून के अनुसार, इस श्रेणी में आने वाले दोषियों के लिए फांसी, हाथ-पैर काटने या देश निकाला देने जैसी बर्बर सजाओं का प्रावधान है। यह कदम सीधे तौर पर जनता के मन में खौफ पैदा करने के उद्देश्य से उठाया गया है। मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि शासन न केवल आम जनता, बल्कि उन सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ भी दमनकारी कार्रवाई कर रहा है जिन्होंने निहत्थे नागरिकों पर गोली चलाने से इनकार कर दिया। कई पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर अज्ञात स्थानों पर ले जाया गया है। पिछले दो हफ्तों की हिंसा में अब तक 62 से अधिक लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जबकि हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या 2,277 को पार कर गई है। गिरफ्तार किए गए लोगों में बड़ी संख्या में छात्र और नाबालिग भी शामिल हैं। तेहरान की गलियों से लेकर अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक गलियारों तक, यह चर्चा तेज है कि क्या खामेनेई का यह मिसाइल दांव और कठोर दमन उनकी सत्ता को बचा पाएगा, या फिर यह विद्रोह ईरान में एक नए युग की शुरुआत करेगा।

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