वाशिंगटन। अमरीकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने अपनी नीतिगत ब्याज दर को 3.75 प्रतिशत से 4 प्रतिशत की लक्ष्य सीमा पर अपरिवर्तित रखने का फैसला किया है। इसके चलते उच्च मुद्रास्फीति के बावजूद औसत प्रभावी दर करीब 3.09 प्रतिशत पर स्थिर बनी हुई है। केंद्रीय बैंक ने अपनी दो दिवसीय समीक्षा बैठक के बाद बयान जारी कर स्पष्ट किया कि मुद्रास्फीति अब भी उच्च स्तर पर है, और दरों को स्थिर रखने से नीतिगत प्रभाव का आकलन करने व भविष्य के फैसलों के लिए और डेटा जुटाने का अवसर मिलेगा।
मध्यावधि चुनाव से ठीक पहले आया फैसला
फेडरल रिजर्व का यह महत्वपूर्ण निर्णय अमरीका में होने वाले मध्यावधि चुनाव से महज छह दिन पहले आया है, जहां जीवन-यापन की बढ़ती लागत और महंगाई आम जनता के लिए बड़ा मुद्दा बनी हुई है। हालांकि, इस फैसले पर केंद्रीय बैंक के भीतर सर्वसम्मति नहीं बन सकी। फेड गवर्नर लिसा कुक और क्लीवलैंड फेडरल रिजर्व बैंक की अध्यक्ष बेथ हैमक ने दर को अपरिवर्तित रखने के बजाय इसमें 0.25 प्रतिशत की वृद्धि करने के पक्ष में मतदान किया।
महंगाई का दबाव और आर्थिक चुनौतियां
पेट्रोल, राशन और कपड़ों जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं की ऊंची कीमतों के कारण उपभोक्ताओं में अर्थव्यवस्था को लेकर असंतोष देखा जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में उपभोक्ता मूल्य एक साल पहले की तुलना में 3.07 प्रतिशत की दर से बढ़े, जो फरवरी में ईरान युद्ध से ठीक पहले की 2.04 प्रतिशत की दर से काफी अधिक है। हालांकि, अर्थव्यवस्था के कई अन्य क्षेत्र पहले से ही ऊंची ब्याज दरों के प्रभाव से जूझ रहे हैं।
ट्रंप की आलोचना और वॉर्श का रुख
फेड चेयरमैन केविन वॉर्श के नेतृत्व में केंद्रीय बैंक ने पिछले महीने तीन साल में पहली बार बेंचमार्क दरों में बढ़ोतरी की थी। इस फैसले पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी आपत्ति जताते हुए दरें घटाने की मांग की थी और निर्णय के लिए दर-निर्धारण समिति को जिम्मेदार ठहराया था। वहीं, दूसरी ओर कई अर्थशास्त्रियों का मानना है कि अमरीका की मजबूत आर्थिक वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि ब्याज दरें अत्यधिक ऊंची नहीं हैं और अर्थव्यवस्था महंगाई पर काबू पाने के लिए इन दरों को सहन कर सकती है।


