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    MP में मानसून का आखिरी दौर बाकी, 21 सितंबर तक बारिश-गरज के आसार

    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून अब अपने विदाई के दौर में है, लेकिन जाने से पहले राज्य में एक बार फिर से बारिश का नया दौर सक्रिय होने की पूरी संभावना है। मौसम विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, 17 से 21 सितंबर के दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं, जबकि 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी की अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं।

    इन जिलों में भारी बारिश के ज्यादा आसार

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक राज्य के कई इलाकों में मौसम का मिजाज बदल सकता है, जिसकी मुख्य स्थितियां इस प्रकार हैं:

    • अनेक स्थानों पर बारिश: सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, अनूपपुर, शहडोल और डिंडोरी जिलों में कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है।

    • कुछ स्थानों पर बौछारें: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सतना, उमरिया, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा में कुछ स्थानों पर पानी गिर सकता है।

    • इंदौर-उज्जैन संभाग: राजगढ़, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर और नीमच में छिटपुट जगहों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

    30 से 40 किमी की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं

    बारिश के इस दौर के दौरान कई जिलों में मौसम खराब रहने की चेतावनी दी गई है।

    • झोंकेदार हवाएं: मौसम विभाग के अनुसार कई क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

    • सुरक्षा सलाह: आकाशीय बिजली और तूफान की आशंका को देखते हुए नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें तथा खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से परहेज करें।

    कम दबाव का क्षेत्र बढ़ाएगा बारिश की संभावना

    मौसम प्रणाली के सक्रिय होने के पीछे मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बन रहे वेदर सिस्टम हैं। सौराष्ट्र और उससे लगे उत्तर-पूर्वी अरब सागर के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अलावा, उत्तर थाईलैंड के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण उत्तर अंडमान सागर की ओर बढ़ रहा है, जिसके प्रभाव से नया लो-प्रेशर एरिया बनने की संभावना है जो अगले कुछ दिनों में दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों की ओर आगे बढ़ सकता है।

    पिछले 24 घंटों का मौसम और प्रमुख आंकड़े

    बीते 24 घंटों के दौरान रीवा संभाग के अनेक स्थानों, शहडोल व सागर संभाग के कुछ हिस्सों के अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और जबलपुर संभागों में छिटपुट बारिश दर्ज की गई। इस दौरान प्रमुख रूप से हटपिपल्या में सबसे अधिक 45 मिलीमीटर, रहटगढ़ में 29.4 मिलीमीटर और सतना में 25.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

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