More
    Homeराज्यमध्यप्रदेशगरबड़ी नाले में बाढ़, खंडवा-खिरकिया मार्ग बंद; ओंकारेश्वर में बढ़ीं मुश्किलें

    गरबड़ी नाले में बाढ़, खंडवा-खिरकिया मार्ग बंद; ओंकारेश्वर में बढ़ीं मुश्किलें

    खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार हो रही अतिवृष्टि की वजह से किल्लौद ब्लॉक के ग्राम गरबड़ी स्थित स्थानीय नाले में अचानक भीषण बाढ़ आ गई है। नाले का पानी सड़कों के ऊपर से बहने के कारण खिरकिया मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। उफनते हुए नाले की वजह से मार्ग के दोनों ओर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे राहगीरों और स्थानीय ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    रातभर झमाझम बारिश से दिन में छाया अंधेरा, प्रदेश के कई हिस्सों में रेड अलर्ट

    मौसम विभाग के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ मध्य प्रदेश में भी मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय हो चुकी हैं। वर्तमान में खंडवा और पड़ोसी जिले हरदा सहित सूबे के 19 जिलों में भारी से अति भारी बारिश को लेकर 'रेड अलर्ट' (Red Alert) जारी किया गया है। खंडवा में शुक्रवार की सुबह से ही आसमान में काले-घने बादलों ने डेरा डाल रखा था, जिससे दिन में ही शाम जैसा नजारा बन गया था। देर शाम मौसम में आए अचानक बदलाव के साथ शुरू हुआ झमाझम बारिश का दौर शनिवार की सुबह तक बिना रुके अनवरत जारी रहा, जिसने उमस और गर्मी से तो राहत दी लेकिन बुनियादी व्यवस्थाओं को प्रभावित कर दिया।

    तेज गर्जना के साथ थमी बाजारों की रौनक, सड़कों पर हेडलाइट जलाकर रेंगते रहे वाहन

    लगातार हो रही इस मूसलाधार बारिश का सीधा असर खंडवा शहर और ग्रामीण इलाकों के जनजीवन पर पड़ा है। शुक्रवार शाम से ही मुख्य बाजारों में सन्नाटा पसर गया और व्यापारिक गतिविधियां सुस्त पड़ गईं। बारिश के दौरान आसमान में कड़कड़ाती बिजली और बादलों की भीषण गड़गड़ाहट ने माहौल को चिंताजनक बना दिया। दृश्यता (Visibility) इतनी कम हो गई कि दिन के उजाले में भी सड़कों पर गुजरने वाले वाहनों को अपनी हेडलाइट्स जलानी पड़ीं, इसके बावजूद चालकों को सामने देखने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शहर के कई निचले इलाकों और मुख्य चौराहों पर घुटनों तक जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई है।

    तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में बिगड़े हालात, नर्मदा के घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

    इधर, प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग तीर्थनगरी ओंकारेश्वर से डराने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं। लगातार हो रही भारी बारिश के चलते नगर की सड़कों और गलियों का गंदा पानी बहता हुआ सीधे मां नर्मदा के पवित्र घाटों में समाहित हो रहा है, जिससे वीआईपी घाटों पर गंदगी और गाद का अंबार लग गया है। देश-विदेश से पहुंचे दर्शनार्थियों को ओंकारेश्वर के संकरे और सीढ़ीनुमा रास्तों से गुजरने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। फिसलन के कारण श्रद्धालु एक-दूसरे का हाथ पकड़कर कतारों में चलते दिखाई दिए। घाट किनारे स्थित कई दुकानों में बाढ़ का पानी घुसने की खबर है, वहीं लहरों के वेग के कारण नाविक अपनी नावों में भरे पानी को बकेट्स के सहारे बाहर निकालते नजर आए।

    प्रशासन ने लगाई नावों के संचालन पर रोक, कलेक्टर ऋषव गुप्ता की जनता से अपील

    बिगड़ते हालातों को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीम पूरी तरह मुस्तैद (Alert Mode) हो गई है। पूरे जिले और विशेष रूप से ओंकारेश्वर के संवेदनशील घाटों पर होमगार्ड और गोताखोरों की विशेष टीमों को तैनात किया गया है। सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए तीर्थनगरी में नावों के संचालन और श्रद्धालुओं के नर्मदा नदी में गहरे पानी में जाकर स्नान करने पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

    इस बीच, खंडवा जिला कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने आम नागरिकों और यात्रियों के लिए एक जरूरी एडवाइजरी (अपील) जारी की है। उन्होंने कहा है कि भारी बारिश के इस दौर में कोई भी नागरिक या ग्रामीण उफनते हुए नदी-नालों, रपटों या पुलिया को पार करने का दुस्साहस न करे। कई बार पानी का बहाव हमारी उम्मीद से कहीं अधिक तेज होता है, जिससे वाहन बहने और बड़ी दुर्घटना होने की आशंका रहती है। जान जोखिम में डालने के बजाय पानी का स्तर कम होने तक सुरक्षित स्थानों पर ही रुककर इंतजार करें।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here