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    BSNL की संपत्तियों पर सरकार का बड़ा फैसला, 9 हजार करोड़ में होगी बिक्री

    नई दिल्ली। कर्ज के भारी दबाव का सामना कर रही सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनियों बीएसएनएल और एमटीएनएल की लगभग 9,000 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों की बिक्री आगामी वित्त वर्ष 2027-28 के दौरान की जाएगी। इस परिसंपत्ति मुद्रीकरण से प्राप्त होने वाले राजस्व का उपयोग दोनों कंपनियों की देनदारियों को चुकता करने के लिए किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, इस पूरी रूपरेखा को अंतिम रूप प्रदान कर दिया गया है। दूरसंचार और डाक विभाग के सार्वजनिक उपक्रमों पर वर्तमान में करीब 50,000 करोड़ रुपये का कर्ज है, जिसमें लगभग 30,000 करोड़ रुपये के सरकारी गारंटी वाले बॉन्ड भी शामिल हैं। इन वित्तीय दायित्वों के निस्तारण हेतु सरकार ने प्रति वर्ष 4,000 से 5,000 करोड़ रुपये की संपत्तियों से आय सृजित करने की योजना बनाई है। पूर्व में डाक विभाग, दूरसंचार विभाग, बीएसएनएल और एमटीएनएल की परिसंपत्तियों के स्वामित्व को लेकर बनी अनिश्चितता का पिछले दो वर्षों में निराकरण कर लिया गया है, जिसके तहत 862 संपत्तियों के मामलों का निपटारा करते हुए संबंधित विभागों को उनका स्वामित्व सौंपा गया है।

    वीडियोकॉन के पूर्व प्रवर्तक वेणुगोपाल धूत दिवालिया घोषित

    राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने वीडियोकॉन समूह के पूर्व प्रवर्तक वेणुगोपाल धूत को व्यक्तिगत दिवालिया घोषित कर दिया है। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के अनुसार, 30 सितंबर 2026 तक उन पर मूल धन, ब्याज और जुर्माने सहित कुल 12,668.06 करोड़ रुपये की देनदारी बकाया थी। न्यायाधिकरण ने इस दिवालिया समाधान प्रक्रिया के संचालन हेतु एक आधिकारिक ट्रस्टी नियुक्त किया है और धूत को सात दिनों के भीतर अपनी संपूर्ण वित्तीय स्थिति का विस्तृत ब्योरा जमा करने का निर्देश दिया है। नियुक्त ट्रस्टी आगामी 90 दिनों के भीतर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट पेश करेगा। उल्लेखनीय है कि धूत ने सिलीगुड़ी परियोजना के माध्यम से 36 महीनों में 600 करोड़ रुपये के भुगतान की योजना का प्रस्ताव रखा था, जिसे न्यायाधिकरण ने 17 जुलाई को अस्वीकार कर दिया था। इसके उपरांत एसबीआई ने 24 सितंबर को दिवालिया प्रक्रिया प्रारंभ करने के लिए याचिका दायर की थी।

    वैश्विक बाजारों में एआई शेयरों का बाउंस बैक और अमेरिकी फेड की दरें

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़े शेयरों में आई जोरदार लिवाली के चलते पिछले दो दिनों की गिरावट से उबरते हुए शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में रिकवरी दर्ज की गई। मध्यावधि चुनावी नतीजों के बाद वॉल स्ट्रीट पर मिले-जुले रुझान के बीच एसएंडपी 500 सूचकांक में 0.3 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 1.1 प्रतिशत चढ़ा और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.5 प्रतिशत की गिरावट आई। प्रमुख चिप निर्माता कंपनी एनवीडिया के शेयर 2.8 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुए। डेटा सेंटरों के निर्माण में मंदी की आशंकाओं से उपजे अवसाद के बीच आईआरईएन के शेयर 20 प्रतिशत उछले, जबकि लैम रिसर्च ने 25 अरब डॉलर के शेयर पुनर्खरीद (बायबैक) का ऐलान किया। गैर-एआई कंपनियों में एक्सॉन एंटरप्राइज 18.2 प्रतिशत और चार्टर कम्युनिकेशंस 6.2 प्रतिशत टूटे। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में रोजगार सृजन की मजबूत गति से मुद्रास्फीति बढ़ने के आसार जताए जा रहे हैं, जिसके मद्देनजर फेडरल रिजर्व द्वारा आगामी दिसंबर महीने में ब्याज दरों में वृद्धि किए जाने की संभावना प्रबल हो गई है।

    नई दिल्ली में आयोजित एससीओ सम्मेलन में पाकिस्तान की भागीदारी पर संशय

    पाकिस्तान सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह भारत की मेजबानी में इस माह के अंत में आयोजित होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सभ्यतागत संवाद मंच में भाग लेने को लेकर अंतिम निर्णय जल्द लेगी। विदेश कार्यालय के प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान ने शुक्रवार को पुष्टि की कि पाकिस्तान को नई दिल्ली में 20 से 22 नवंबर के मध्य होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक का औपचारिक निमंत्रण प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि संबंधित मंत्रालयों और संस्थागत तंत्र के साथ विचार-विमर्श के पश्चात प्रतिनिधिमंडल भेजने पर फैसला किया जाएगा। भारत के संस्कृति और विदेश मंत्रालयों द्वारा आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में पाकिस्तान सहित सभी एससीओ सदस्य राष्ट्रों को आमंत्रित किया गया है। यह आमंत्रण इसलिए भी विशेष मायने रखता है क्योंकि पिछले वर्ष मई में हुए सैन्य तनाव के बाद यह पहला अवसर है जब भारत ने किसी वरिष्ठ पाकिस्तानी मंत्री को आमंत्रित किया है। इस बैठक हेतु पाकिस्तान के राष्ट्रीय विरासत और संस्कृति मंत्री औरंगजेब खान खिची को बुलावा भेजा गया है, जबकि भारत एससीओ के मंचों पर सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे को प्रमुखता से उठाता रहा है।

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