नासिक। दिवाली की खरीदारी के लिए मध्यवर्ती बाजारपेठ में उमड़ रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा लागू की गई 'नो व्हीकल जोन' व्यवस्था पहले ही दिन बेअसर साबित हुई। प्रतिबंध के बावजूद दोपहिया और चारपहिया वाहन बैरिकेड्स पार कर और अंदरूनी संकरी गलियों से सीधे मुख्य बाजार में प्रवेश करते रहे, जिससे खरीदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
संकीर्ण गलियों से बाजार में घुसे वाहन
दिवाली की खरीदारी के मद्देनजर यातायात विभाग ने सुबह 8 से रात 10 बजे तक शालिमार, रविवार कारंजा, धुमाल पॉइंट और गोदाकाठ जैसे प्रमुख प्रवेश मार्गों पर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई थी। इसके बावजूद गोरेराम लेन, दूध बाजार, दहीपुल, सरस्वती लेन और शुक्ल गली जैसे संकरे रास्तों से वाहन चालकों ने प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश कर लिया। इससे खरीदारों से भरी सड़कों पर गंभीर जाम की स्थिति पैदा हो गई।
पुलिस की ढिलाई पर खरीदारों में नाराजगी
मुख्य चौराहों पर पुलिसकर्मी और बैरिकेड्स तैनात होने के बावजूद वाहनों की निर्बाध आवाजाही पर प्रभावी रोक नहीं लग सकी। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों पर दंडात्मक कार्रवाई करने के बजाय पुलिस केवल मौखिक चेतावनी देकर छोड़ती रही। पहले ही दिन सामने आई इस अव्यवस्था के बाद अब प्रशासन के सामने अंदरूनी गलियों पर निगरानी बढ़ाने और नो व्हीकल जोन को सख्ती से लागू करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।


