More
    Homeराज्यमध्यप्रदेशहमीदिया अस्पताल की बड़ी लापरवाही! खुले में शव का चीर-फाड़, परिजनों ने...

    हमीदिया अस्पताल की बड़ी लापरवाही! खुले में शव का चीर-फाड़, परिजनों ने उठाए सवाल

    भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के सबसे बड़े सरकारी हमीदिया अस्पताल से असंवेदनशीलता और इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक बेहद हैरान करने वाली तस्वीर सामने  आई है। अस्पताल परिसर में मर्चुरी (शवगृह) के बाहर खुले आसमान के नीचे एक शव का पोस्टमार्टम (चीर-फाड़) कर दिया गया। डॉक्टरों ने मर्चुरी के अंदर शव ले जाने के बजाय बाहर स्ट्रेचर पर ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी, जिसे देखकर वहां मौजूद मृतक के बेबस परिजन हैरान और लाचार खड़े रहे। खुले में हो रही इस चीर-फाड़ की वजह से आसपास भारी भीड़ जमा हो गई और जब शव से तेज दुर्गंध आने लगी, तब जाकर लोगों को वहां से हटाया गया। मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने इस पूरी अमानवीय घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    एंबुलेंस से उतारते ही बिना पर्दे के शुरू कर दी चीर-फाड़

    यह हैरान करने वाला मामला हमीदिया अस्पताल की मर्चुरी के ठीक बाहर का है, जहां बजरिया थाना पुलिस एक व्यक्ति के शव को पोस्टमार्टम के लिए लेकर आई थी। नियमों और कानून के मुताबिक, शव को सम्मानजनक तरीके से मर्चुरी के भीतर ले जाकर डॉक्टरों की निगरानी में पोस्टमार्टम किया जाना चाहिए था। लेकिन डॉक्टरों और स्टाफ ने संवेदनशीलता की सारी हदें पार करते हुए एंबुलेंस से शव उतरते ही उसे स्ट्रेचर पर लिटाया और बिना किसी पर्दे, शेड या ओट के खुलेआम चीर-फाड़ शुरू कर दी। इस दौरान वहां कुछ पुलिसकर्मी भी खड़े दिखाई दिए, लेकिन किसी ने भी इस गलत प्रक्रिया को रोकने की जहमत नहीं उठाई।

    अस्पताल प्रशासन की अजीब दलील और जनता का फूटा गुस्सा

    इस शर्मनाक घटना का वीडियो वायरल होने और चौतरफा घिरने के बाद हमीदिया अस्पताल प्रशासन ने एक बेहद अजीब सफाई दी है। अस्पताल के डॉक्टरों का तर्क है कि कुछ विशेष और असाधारण परिस्थितियों में शव की स्थिति को देखते हुए मर्चुरी के बाहर बने शेड में पोस्टमार्टम करना पड़ता है। हालांकि, अस्पताल की यह दलील पूरी तरह झूठी साबित हो रही है क्योंकि वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि जहां पोस्टमार्टम किया जा रहा था, वहां न तो कोई शेड था और न ही कोई पर्दा लगाया गया था। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों की जमकर आलोचना कर रहे हैं और सवाल उठा रहे हैं कि जो डॉक्टर्स मृतकों के प्रति इतने संवेदनहीन हैं, वे जीवित मरीजों का इलाज किस संवेदना के साथ करते होंगे।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here