More
    Homeधर्म-समाजहाथों में हाथ, 7 बार डुबकी...काशी के लोलार्क कुंड में ऐसे करें...

    हाथों में हाथ, 7 बार डुबकी…काशी के लोलार्क कुंड में ऐसे करें स्नान, संतान प्राप्ति का ये आखिरी उपाय

    हर साल भाद्रपद शुक्ल पक्ष के षष्ठी तिथि को लोलर्क छठ का महापर्व मनाया जाता है. लोलार्क छठ के दिन भगवान सूर्य की पूजा आराधना का विशेष महत्व है. इस दिन धर्म नगरी काशी के लोलार्क कुंड में लाखों दम्पति संतान सुख की कामना से स्नान करते हैं. कुंड में स्नान के लिए कुछ नियम भी तय किए गए है. इन नियमों का पालान नहीं करने पर आपकी मन्नत अधूरी रह सकती है. अगर आप भी संतान सुख की प्राप्ति के लिए आस्था की डुबकी लगाने काशी के लोलार्क कुंड आ रहे हैं तो इस बारे में जान लीजिए. लोकल 18 से लोलार्क कुंड के पुजारी कुंदन कुमार त्रिपाठी बताते हैं कि ने बताया की इस कुंड ने स्नान के बाद जब तक मन्नत पूरी न हो, स्नान करने वाले दम्पतियों को कुछ खास बातों का ख्याल रखना चाहिए. कुंड में दम्पति को स्नान हाथ पकड़ ही करना चाहिए. स्नान से पहले महिलाओं को आंचल में फल, श्रृंगार का सामान रखना चाहिए. कुंड में प्रवेश के साथ इस फल को भगवान सूर्य के मंत्र का जाप करते हुए कुंड में अर्पित करें.

    ऐसे दीर्घायु होगी संतान
    पुजारी कुंदन कुमार त्रिपाठी बताते हैं कि इसके बाद अपने मन में भगवान सूर्य से संतान प्राप्ति की कामना करनी चाहिए. इसके बाद दम्पति को एक दूसरे का हाथ पकड़कर 7 बार इस कुंड में डुबकी लगाएं. इस दौरान अपने मन को एकाग्र रखना चाहिए और भगवान सूर्य की आराधना करनी चाहिए. स्नान के बाद दम्पति को अपने पुराने सभी वस्त्र इसी कुंड पर छोड़ देना चाहिए और नए वस्त्र धारण कर लोलाकेश्वर महादेव का दर्शन करना चाहिए. सबसे जरूरी बात आप जिस फल का दान इस कुंड में करते हैं, मनोकामना पूरी होने तक उसका सेवन दम्पति भूलकर भी नहीं करे. मनोकामना पूरी हो जाए तो दम्पति को संतान के साथ वापस इसी स्थान पर आकर हलुआ, पूड़ी का भोग लगाना चाहिए. इससे आपकी संतान दीर्घायु होगी.

    17 सितंबर को लोलार्क छठ
    पुजारी कुंदन त्रिपाठी के अनुसार, इस बार लोलार्क छठ का महापर्व 17 सितंबर को है. इस दिन रात्रि में 2 बजे से कुंड में स्नान शुरू होगा, जो पूरे दिन चलता रहेगा. प्रशासन ने भी भक्तों के अनुमानित भीड़ को देखते हुए 2 किलोमीटर लंबी बैरेकेडिंग कराई है. सुरक्षा के लिए आला अफसरों के टीम की तैनाती भी की गई है.

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here