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    Homeखेलनकवी की नाक बचाने के लिए पाकिस्तान कितनी बार करेगा बहानेबाज़ी?

    नकवी की नाक बचाने के लिए पाकिस्तान कितनी बार करेगा बहानेबाज़ी?

    नई दिल्ली: एशिया कप 2025 में भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान हुए हैंडशेक विवाद पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने बुधवार को बड़ा दावा किया है। पीसीबी का कहना है कि आईसीसी के विवादास्पद मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट ने पाकिस्तानी टीम मैनेजमेंट और कप्तान से माफी मांगी है। इसके साथ ही पीसीबी ने यह भी कहा कि आईसीसी मामले की जांच के लिए तैयार है। हालांकि, अब आईसीसी ने पीसीबी के इन दावों की फिर से पोल खोल दी है। आईसीसी ने पीसीबी के इन दावों पर करारा जवाब दिया है।

    मैच से पहले पाकिस्तान की नौटंकी
    बुधवार को पाकिस्तान टीम ने यूएई के खिलाफ मुकाबले के लिए होटल से स्टेडियम जाने में देरी की। टीम का विरोध इस बात को लेकर था कि आईसीसी ने पायक्रॉफ्ट को हटाने से इनकार कर दिया था। इससे उनकी दोहरी फजीहत हो गई थी। टीम स्टेडियम पहुंची, लेकिन देरी से और फिर मैच भी खेला। पीसीबी ने पायक्रॉफ्ट को एशिया कप से बाहर करने की मांग की थी, फिर उसने पाकिस्तान-यूएई मैच से उन्हें हटाने की मांग की, लेकिन आईसीसी ने दोनों मांगें ठुकरा दीं। पाकिस्तान ने फिर टूर्नामेंट से नाम वापस लेने की गीदड़भभकी भी दी थी, लेकिन पैसे के दबाव में ऐसा नहीं कर पाया। हालांकि, तमाम नौटंकी के बाद एक माफी से पीसीबी का काम चल गया।

    PCB का दावा- 'पायक्रॉफ्ट ने मांगी माफी'
    पीसीबी ने बुधवार को 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर बयान जारी करते हुए लिखा, 'आईसीसी के विवादास्पद मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट ने पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के मैनेजर और कप्तान से माफी मांगी है। पायक्रॉफ्ट ने 14 सितंबर को हुए भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान दोनों टीमों के कप्तानों को हैंडशेक से रोका था। पायक्रॉफ्ट ने भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान दोनों टीमों के कप्तानों को हाथ मिलाने से मना किया था। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने पायक्रॉफ्ट की हरकत पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।' 

    कोड ऑफ कंडक्ट जांच का दावा
    पीसीबी ने अपने बयान में यह भी दावा किया कि आईसीसी इस मामले में जांच करने को तैयार है। पीसीबी ने कहा, 'आईसीसी ने 14 सितंबर के मैच के दौरान हुए कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन की जांच करने की सहमति जताई है। 

    पहलगाम हमले के पीड़ितों के लिए एकजुटता
    भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव पहले ही साफ कर चुके हैं कि हैंडशेक से परहेज का फैसला पूरी टीम का था। उन्होंने कहा था, 'यह कदम पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए उठाया गया था।' इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी।

    आईसीसी ने खोली पीसीबी की पोल
    आईसीसी ने अब पायक्रॉफ्ट का बचाव करने के साथ-साथ पीसीबी के दोनों दावों की पोल खोली है। आईसीसी के एक विश्वसनीय सूत्र ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, 'माफी सिर्फ गलतफहमी के लिए थी। पायक्रॉफ्ट ने जो भी किया, वह नियमों के मुताबिक था।' सूत्र ने यह भी साफ किया कि आईसीसी तभी जांच शुरू करेगा जब पीसीबी ठोस सबूत पेश करेगा। उन्होंने कहा, 'और आईसीसी तभी अपनी जांच शुरू करेगा जब पीसीबी यह सबूत देगा कि पायक्रॉफ्ट की गलती क्या थी।'

    आईसीसी ने पूछा- सबूत क्यों नहीं दिए?
    आईसीसी ने अपने लिखित संदेश में कहा, 'आईसीसी की जांच पीसीबी द्वारा दर्ज रिपोर्ट में दी गई जानकारी के आधार पर की गई थी। हमने रिपोर्ट को सच मान लिया और पाया कि इसके साथ कोई भी सहायक दस्तावेज या सबूत नहीं दिए गए। पीसीबी के पास प्रारंभिक रिपोर्ट के साथ अपनी टीम के सदस्यों के बयान जमा करने का पूरा मौका था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया।'

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